पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में सोमवार को उभयलिंगी व्यक्ति व वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, संरक्षण और सुरक्षा के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईपीएस हिमानी खन्ना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के देवाशीष ठाकुर बतौर अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसपी डी श्रवण व आईपीएस जितेंद्र शुक्ला भी मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति को सामाजिक बहिष्कार से लेकर भेदभाव, शिक्षा सुविधाओं की कमी, बेरोजागारी, चिकित्सा सुविधाओं की कमी, जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए कार्यप्रणाली उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया। इससे समग्रता को बढ़ावा मिलेगा और ट्रांसजेंडर व्यक्ति समाज के उपयोगी सदस्य बन जाएंगे। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) के संबंध में चर्चा करते हुए विधेयक, 2019 एक प्रगतिशील विधेयक है क्योंकि यह ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही साथ वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, कानूनी जानकारी एवं उनके हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला में विशेष अतिथिगण आईपीएस मिलना कुर्रे, राज्य प्रमुख तृतीय लिंग रायपुर विद्या राजपूत, डॉयरेक्टर एम.जे. कॉलेज भिलाई डॉ. श्रीलेखा वेरूलकर, प्राचार्य मदर केयर्स स्कूल रायपुर डॉ. निमिषा मिश्रा एवं उभय लिंगी व्यक्ति व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।
