पार्रीकला के समीप संचालित एक निजी स्कूल में आरटीई के तहत बच्चों को एडमिशन देने के मामले में गड़बड़ी सामने आई है। मामले में पार्रीकला के पालकों ने क्षेत्र के नोडल अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। पालकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने स्पष्ट कहा है कि एक से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले बच्चों को एडमिशन में पहली प्राथमिकता दी जाए।
बावजूद इसके गांव के समीप स्थित स्कूल में एक किलोमीटर के दायरे में आने वालों को मौका देने की बजाए तीन से चार किलोमीटर की दायरे में आने वालों को एडमिशन दे दिया गया है। पालकों का कहना है कि नोडल अधिकारी ने सभी आवेदनों को बिना जांच पड़ताल किए ही स्वीकृत कर दिया जो घोर लापरवाही है और कानून और उच्च न्यायालय के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। चंूकि इस नोडल अधिकारी ने दस्तावेज का परीक्षण ही नही किया और बिना परीक्षण किए ही सभी प्राप्त आवेदनों को स्वीकृत कर दिया। इसलिए लाॅटरी में कुछ बच्चों को निजी स्कूल में दो बार सीटें आवंटित कर दी गई है।
