छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला की सीमा के महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का कहर बढ़ने लगा है। बताया जा रहा है कि नागपुर में तीसरी लहर ने अपनी दस्तक देनी शुरु भी कर दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सीमा पर विशेष सतर्क रहने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। दरअसल महाराष्ट्र सीमा पर होने के कारण अधिक सावधान रहने की जरुरत है। अभी त्यौहारी सीजन के चलते लोग बसों से आना-जाना कर रहे है। जहां खचाखच लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। जबकि शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही यात्रियों को बैठाना है। बावजूद क्षमता से अधिक यात्री बैठाए जा रहे है। जहां न तो सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो रहा है और न ही लोग मास्क लगा रहे है। यहीं लापरवही आने वाले समय में लोगों को भारी पड़ने वाली है।

बस के अंदर बिना मास्क के लोग सफर कर रहे है।
16 संक्रमित 1 मरीज की मौत
CMHO डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि पिछले 10 दिनों कोरोना का ग्राफ बढ़ा है। सभी को सावधानी रखने और टेस्टिंग बढ़ाने की जरुरत है। संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन जरूरी है। मास्क लगाएं, हाथों को साबुन से धोएं या फिर सैनिटाइज करते रहें। अगर कोई लक्षण सामने आ रहे हैं तो सैंपल देकर तत्काल जांच कराएं वहीं कलेक्टर तारन प्रकाश सिंहा ने कहा है कि नागपुर में कोविड-19 के बढ़ते हुए केस चिंताजनक है। महाराष्ट्र सीमा पर होने के कारण जिले को अधिक सावधानी रखने की जरुरत है। पिछले 10 दिनों के आंकड़ो को देखे तो 16 कोरोना पॉजिटिव और 1 मरीज की मौत हुई है।
सतर्क रहने की ज्यादा जरुरत
राजनांदगांव कलेक्टर तारन प्रकाश सिंहा ने सभी लोगों से विशेष रुप सतर्क रहने के लिए कहा है। साथ ही बार्डर पर मॉनिटरिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। नगर निगम कमिश्नर को बस स्टैंड और शहरी क्षेत्रों में निरीक्षण करने के लिए भी निर्देशित किया है। बावजूद इसके शहर में लोग खुलेआम नियम कायदो की धज्जियां उड़ा रहे है। जिसको देखने वाला कोई नहीं है।

कुछ इस तरह से कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है।
जिले में वैक्सीन के पहले और दूसरे डोज को मिलाकर 10 लाख डोज लगाने का आंकड़ा पार हो चुका है। इसमें वैक्सीन के योग्य आबादी के 66 प्रतिशत को पहला और करीब 17 प्रतिशत को दूसरा डोज लगाया गया है।
