नंदकुमार बघेल द्वारा ब्राम्हणों के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर बवाल शुरू हो गया है। सोमवार को ब्राम्हण समाज व अन्य हिंदु संगठनों ने बघेल का पुतला फूंकते हुए थाना घेराव कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की तथा तत्काल गिरफ्तार करने कहा। लखनउ में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए नंदकुमार ने ब्राम्हण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें देश का नागरिक न बताकर विदेशी कहा।
इस तरह के बयान से ब्राम्हण समाज को आहत पहुंचा है और इससे सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश हुई है। इसके पूर्व भी ब्राम्हण समाज व हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके विरूद्ध प्रदेश के कई थानों में एफआईआर दर्ज है। भारत का संविधान हर भारतीयों को भारत में रहने का अधिकार देता है, किंतु बघेल का यह वक्तव्य भारतीय समाज को खंडित करने वाला है। गोल बाजार में पुतला फूंकने के बाद थाना पहुंचकर समाज के लोगों ने खिलाफ एफआईआर दर्ज करने व त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार करने की मांग की गई।
इस अवसर पर राजकुमार द्विवेदी, अनिल पांडे, शिशिर मिश्रा, अजय दुबे, श्याम तिवारी, चंद्रमणि ओझा, ओमप्रकाश तिवारी, द्वारका प्रसाद शर्मा, राजेश तिवारी, कपिल तिवारी, रिकेश दुबे, मारूति नंदन भक्त समिति के अध्यक्ष अभिषेक साहू, जयंत साहू, नागेश वर्मा, पंकज साहू, आयुष सिन्हा, रोमन साहू, हेमंत सिन्हा, हेमलाल साहू, त्रिलोक वर्मा, गोविंद यादव, नरोत्तम साहू व अन्य उपस्थित रहे।
