जिला प्रशासन की ओर से खाद की ब्लैक मार्केटिंग होने की शिकायत के बाद रविवार को रेलवे स्टेशन में दबिश देकर 2280 मीट्रिक टन खाद की जब्ती बनाई थी। इस खाद को प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से बेचने के लिए लाया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अफसरों ने घेराबंदी कर खाद को जब्त कर लिया।
इस खाद को जिले की सभी सोसाइटियों के लिए रवाना कर दिया गया और सोमवार से वितरण भी शुरू कर दिया गया है। यूरिया खाद की कमी के चलते रोज किसान सोसाइटियों में पहुंचकर हंगामा कर रहे थे। वहीं यह शिकायत सामने आ रही थी कि प्राइवेट फर्म वाले यूरिया खाद को डबल रेट में बेच रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक रूप से क्षति पहुंच रही थी। मजबूर किसान खाद की कमी के चलते प्राइवेट फर्म से खाद खरीद रहे थे। खाद की जब्ती के बाद से सोसाइटियों में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक हो गया है। किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। सोमवार को ही आउटर की सोसाइटियों में भी खाद की खेप पहुंचाई गई। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सीईओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जब्त की गई खाद को रेक पाइंट से सीधे सोसाइटियों में भेजा जा रहा है।
