छग कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की जिला इकाई के द्वारा शुक्रवार को जिला मुख्यालय में धरना दिया गया। हड़ताल के माध्यम से उन्होंने 14 सूत्रीय मांगों को रखा। एक दिवसीय काम और कलम बंद की वजह से सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। दफ्तरों में कामकाज काफी प्रभावित हुआ। संघ के पदाधिकारियों ने सीएम के नाम से अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
जिला संयोजक डॉ.केएल टांडेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे के नेतृत्व में जिले में शासकीय सेवकगण अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों के समर्थन में एक दिवसीय प्रान्त व्यापी धरना एवं हड़ताल प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनरत हुए। ‘कलम बंद-काम बंद‘ के नारे के साथ अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन आज प्रातः लगभग 11 से दोपहर 3 बजे तक धरनास्थल पर चला। कलेक्टोरेट के सामने फ्लाई ओवर के नीचे बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने धरना दिया। इसमें विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकगण एकत्रित होकर अपनी लंबित मांगों के लिए नारेबाजी करते रहे। शासन से 16 प्रतिशत बकाया डीए सहित अन्य मांगों पर अपना वादा निभाने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संरक्षक एसके ओझा, जिला संयोजक डॉ.केएल टाण्डेकर, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, कोषाध्यक्ष बीएस मण्डावी, रफीक खान, मुकुल साव, रामनारायण बघेल, सीएल चंद्रवंशी, रवि कान्त यादव, संतोष चौहान, डॉ.बीपी चन्द्राकर, भीषम ठाकुर, पूरनलाल साहू, अरूण देवांगन, संजय तिवारी, कौशलेन्द्र शर्मा, विनोद मिश्रा, पीआर झाड़े, लेखराम मात्रा, राघवेन्द्र सिंह, अजीत दुबे, उत्तम फंदियाल, पीएल साहू, शिव देवांगन, महेश साहू, गीता जुरेशिया, बृजभान सिन्हा, हरीश भाटिया, जगदीश्वर ठाकुर, संजय सिंह, सुदेश यादव, एन.एल.देवांगन, उपेंद्र रामटेके, हरीश चंद यादव, अब्दुल करीम खान आदि मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन इन लंबित मांगों पर शीघ्र कोई समाधानकारक ठोस निर्णय नहीं लेती है तो इस आंदोलन के अगले चरण के रूप में वृहद स्तर पर प्रान्त व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जनघोषणा पत्र में शामिल हैं इनकी मांगें: दोपहर 3 बजे के विभिन्न संगठनों, संघों से संबद्ध शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट भवन तक पहुंचे। अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन के विषय में फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ.टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन द्वारा कलम रख-मशाल उठा चरणबद्ध आंदोलन में राज्य शासन को समय-समय पर 14 सूत्रीय मांगपत्र देकर निराकरण के लिए अनुरोध किया था। फेडरेशन मांगपत्र में शामिल कुछ मांग जन-घोषणा पत्र में भी पूर्व से ही उल्लेखित है। बावजूद राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में समाधानकारक निर्णय नहीं लेने के कारण कर्मचारी अधिकारी/पेंशनर्स आक्रोशित हैं।
सामूहिक अवकाश पर रहे अधिकारी-कर्मचारी
राज्य शासन के सैकड़ों कर्मचारीगण अधिकारीगण सामूहिक रूप से अवकाश लेकर शुक्रवार को जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों सहित जिला कार्यालय के सामने एक दिवसीय प्रान्त व्यापी कलम बंद-काम बंद हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन करके शासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया है। ब्लाक एवं जिला स्तर के कई शासकीय कार्यालयों एवं विभागों में दिनभर कामकाज ठप रहा है। मांगों को पूरा करने सीएम के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपे।
शासन का उपेक्षापूर्ण रवैया रहा है: टांडेकर
आंदोलन के विषय में जिला संयोजक डॉ. टांडेकर एवं महासचिव ब्यौहरे ने यह भी बताया कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से क्षुब्ध एवं व्यथित होकर इसके विरोध में प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लाक मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना एवं आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन को राज्य सेवा के विभिन्न 57 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
