राजनांदगांव । 12 सूत्रीय मांगों को लेकर छग सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने सोमवार को चिचोला में छुरिया मोड़ पर हाईवे पर ढाई घंटे सड़क जाम किया। हाईवे पर दोनों ओर सैंकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आदिवासियों के प्रदर्शन को लेकर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात की गई। जाम से पहले आदिवासियों ने चिचोला के साप्ताहिक बाजार चौक में करीब तीन घंटे सभा ली, जिसके बाद रैली के रूप में लोग हाईवे में पर आए।
पुलिस की समझाइश के बाद आदिवासियों ने रैली निकालते हुए डोंगरगढ़ मोड़ पर जुटे, लेकिन यहां भी स़ड़क जाम करने पुलिस ने रोका। फिर छुरिया मोड़ पर आदिवासियों ने हाइवे के दोनों छोर को घेर लिया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन कर रहे लोग हाईवे पर अड़े रहे। पुलिस की समझाइश के बाद जब वे नहीं मानें तब प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें मनाया, लेकिन वहां मौजूद समाज के पदाधिकारी नहीं मानें। मोहला गोटाटोला से लगे ढोकला गांव के नहर से जल ले जाने के मामले में आदिवासियों ने पाटेश्वरधाम के संत बालकदास पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में डोंगरगढ़ एसडीएम अविनाश भोई ने लिखित आश्वासन दिया कि पुलिस की जांच के बाद कार्रवाई जरूर की जाएगी। एसडीएम के इस लिखित आश्वासन के बाद ही समाज के लोगों ने हाईवे से जाम स्थगित किया, जिसके बाद करीब पौन घंटे बाद पुलिस ने हाईवे पर जाम खुलवाया।
आठ दिन में कार्रवाई का आश्वासन चक्काजाम के दौरान युवाओं ने पुस्तैनी तलवार भी लहराई। समाज के मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। लोगों की मांग पर डोंगरगढ़ एसडीएम अविनाश भोई ने आठ दिनों का समय लिया है। आदिवासियों ने ढोकला के रूढ़ी परंपरागत व्यवस्था का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए पाटेश्वर धाम जामड़ी पाठ के संचालक बालक दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिस पर एसडीएम ने लिखित आश्वासन तक दिया है। तब जाकर आंदोलनकारियों ने चक्काजाम खत्म किया।
अफसरों को भी दो किमी चलना पड़ा पैदल समाज के लोग साप्ताहिक बाजार से हाइवे में डोंगरगढ़ मोड़ तक गए फिर वहां से वापस छुरिया मोड़ के पास आकर हाइवे में बैठ गए। करीब दो किमी तक समाज के लोगों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। इस रैली में दो किमी तक अफसरों को भी पैदल चलना पड़ा। आंदोलन के दौरान समाज के उदय नेताम, श्यामदास मंडावी, सुदेश टीकम, एवन आचले, मदन नेताम, पवन चंद्रवंशी, सुरेन्द्र मंडावी, देशराम कोर्राम, सुरेश रावटे, नरेंद्र मंडावी, शोभित चंद्रवंशी आदि मौजूद थे।
इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन सर्व आदिवासी समाज ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर हाइवे में रास्ता जाम किया। समाज के अध्यक्ष जसवंत घावड़े, सूरजु टेकाम व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि बस्तर के सुकमा सिलगेर मामले में स्वजनों को मुआवजा व शासकीय नौकरी देने, बस्तर से नक्सल समस्या दूर करने, पदोन्नाति में आरक्षण देने, शासकीय नौकरी में बैकलाग व नई भर्तियों पर आरक्षण रोस्टर लागू करने, पांचवीं अनुसूची में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भर्ती में शत-प्रतिशत आरक्षण लागू करने, खनिज उत्खनन के लिए जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाने व गौण खनिज का पूरा अधिकार ग्राम सभा को देने, फर्जी जाति प्रमाणपत्र धारियों पर कार्रवाई करने, 18 जनजातियों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने, छात्रवृत्ति योजना के लिए आय सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर आठ लाख करने, गैर आदिवासी लड़का से शादी करने वाली आदिवासी समाज की लड़की को समाज की जाति प्रमाणपत्र का लाभ नहीं देने, आदिवासी समाज पर जातिगत अत्याचार करने वाले को कड़ी सजा देने, आदिवासी बेजोजगारो के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करने, नया जिला को आदिवासी जिला घोषित करने, पारंपरिक ग्रामसभा के रूढ़िगत परंपरा का उल्लंघन करने वाले तथाकथित बाबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर आर्थिक नाकेबंदी व सड़क जाम किया।
