30 अगस्त को देश और दुनिया के साथ प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी जन्माष्टमी का आयोजन होगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने सख्त गाइड लाइन जारी की है। इस दिन मंदिरों में लोगांे की भीड़ पहुंचती है। इसे देखते हुए कुछ नियम कायदे तैयार किए गए हैं। कलेक्टर की तरफ से जारी इस फरमान का सभी को पालन करना होगा। लोगों के मंदिर में प्रवेश से लेकर, अंदर बैठने, खड़े रहने और जूते-चप्पलों तक की व्यवस्था की बातें गाइडलाइन मंे बता दी गई हैं।

रायपुर के टाटीबंध स्थित मंदिर में तैयारियां।
इन नियमों का करना होगा पालन
- धार्मिक स्थल के प्रवेश पर सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था होगी
- दही हांडी या मटकी फोड़ के आयोजन की अनुमति नहीं होगी
- परिसर में केवल बिना लक्षण के व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी
- फेस कवर मास्क का इस्तेमाल करना जरूरी होगा
- कोविड-19 बारे में जागरूकता देने वाले बैनर पोस्टर लगाने होंगे
- परिसर में एक के बाद एक ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा एक साथ परिसर में बड़ी भीड़ इकट्ठा न हो इसका ध्यान रखना होगा
- स्वयं के वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के जूते चप्पल उनके वाहन में ही रखवाने होंगे
- पार्किंग स्थल में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना होगा
- परिसर के बाहर और भीतर सभी दुकानें और कैफिटेरिया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही चलाई जा सकेंगी
- मूर्ति, धार्मिक ग्रंथों को छूने की अनुमति नहीं होगी
- बड़ी सभाएं या मंडली का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा
- मंदिर परिसर में सार्वजनिक दरियां, चटाई का उपयोग नहीं होगा लोग अपने साथ लाई हुई दरी या चटाई पर ही बैठें
गणेश चतुर्थी को लेकर भी जारी हो चुकी है गाइडलाइन
गणेश उत्सव के दौरान 4 फीट से ऊंची मूर्ति, 15 फीट से बड़ा पंडाल बनाने पर रोक है। वहीं, पंडाल में एक बार में 20 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। दर्शन के लिए आया व्यक्ति अगर संक्रमित मिलता है तो उसके इलाज में खर्च की जिम्मेदारी आयोजक की होगी। कंटेनमेंट जोन में प्रतिमा स्थापित करने की मनाही होगी। अगर स्थापना के बाद कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया जाता है तो पूजा तत्काल समाप्त करनी होगी। अगर घर के बाहर मूर्ति स्थापित करनी है तो कम से कम 7 दिन पहले नगर निगम के जोन कार्यालय में लिखित आवेदन कर अनुमति लेनी होगी।
गणेशोत्सव 2021 से जुड़े अहम नियम
- जिला प्रशासन की तरफ से इस बार झांकी की भी अनुमति नहीं दी गई है।
- मूर्ति का साइज 4 फीट और पंडाल का 15 फीट से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- पंडाल में कुर्सियां नहीं लगेंगी, साथ ही 20 से ज्यादा लोग एक बार में वहां मौजूद नहीं होंगे।
- मूर्ति दर्शन के लिए आने वाले लोगों का भी नाम पता और मोबाइल नंबर लिखना होगा। जिससे संक्रमित मिलने पर उसका कांटेक्ट मिल सके।
- पंडाल में सीसीटीवी लगाना होगा। बिना मास्क के मूर्ति दर्शन की अनुमति नहीं होगी। आने व जाने वालों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी।
- सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवॉश, क्यू मैनेजमेंट की व्यवस्था करनी होगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार मिलने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- अगर पंडाल में दर्शन के लिए आया व्यक्ति अगर संक्रमित होता है तो आयोजकों को पूरा खर्च उठाना होगा।
- इस बार पूजा के दौरान जगराता, भंडारा आदि कार्यक्रमों की इजाजत नहीं होगी। पूजा के दौरान प्रसाद व चरणामृत सहित किसी भी चीज को बांटने की मनाही होगी।
