दिल्ली से CG लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अपनी रूटीन पर लौट आए हैं। दोनों तीन दिन पहले दिल्ली में हुए घमासान के बाद खुद को कूल बनाए रखने की पूरी कोशिश में हैं। टीएस विभागीय मीटिंग के बाद बैडमिंटन कोर्ट पर नजर आए तो CM ने पहले जैसे ही लगातार आयोजनों में भाग लिया, लोगों से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिन भर विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करते रहे।
दिल्ली में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने को लेकर चले सियासी दंगल के बाद दिग्गज यह संदेश दे रहे हैं कि सब ठीक है। हालांकि CM के दूसरे दावेदार टीएस सिंहदेव ने परिवर्तन की बात को अभी भी मीडिया के सामने मजबूती से रखा है, लेकिन भूपेश बघेल की ओर से अब इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है। वे रविवार को सुबह से व्यस्त रहे। सबसे पहले उन्होंने कुछ मंत्रियों, नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के पदाधिकारियों से मुलाकात की फिर वह मछुआ समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां उन्होंने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की और कहा कि यदि अकाल से उनकी फसल खराब होती है सरकार उन्हें 9 हजार रुपए एकड़ मुआवजा देगी। CM ने दूसरी घोषणाएं भी कीं। शाम को बघेल ने गुजरात से यहां आए विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और दूसरे विधायकों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की और रात में वह बस संचालकों से मिले। कुल मिलाकर CM ने जाहिर किया कि दिल्ली के घटनाक्रम का अब कोई असर नहीं है और फिर वह अपनी जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गए हैं।

मुख्यमंत्री कांग्रेस मुख्यालय में मछुआ कांग्रेस के सम्मेलन में भी शामिल हुए।
उधर टीएस सिंहदेव ने भी स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने हेल्थ से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सचिव, अफसरों से चर्चा की। कोरोना, डेंगू जैसी बीमारियों, योजनाओं की जानकारी ली। फिर मीडिया से बात की और शाम को रिलैक्स होने के लिए राजकुमार कॉलेज के बैडमिंटन कोर्ट पहुंच गए। वहां उन्होंने अपने भतीजे आदितेश्वर और अन्य खिलाड़ियों के साथ कई मैच खेले। जब टीएस रायपुर में होते हैं तो अमूमन अपनी शाम क्रिकेट मैदान, बैडमिंटन कोर्ट में बिताते हैं। शनिवार शाम जब वे दिल्ली से रायपुर लौटे तब से अभी तक उनके चेहरे पर भी मुस्कुराहट ही है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
कब, क्या हुआ था दिल्ली में
ढाई साल के बाद छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलने वाले फॉर्मूले पर दिल्ली में बवाल शुरू हुआ 24 अगस्त से। इससे पहले इस मुद्दे पर प्रदेश में ही यदा-कदा चर्चा होती रही, लेकिन 24 अगस्त को दिल्ली में राहुल गांधी की मीटिंग के बाद यह बात फैल गई कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलेंगे। इस दिन राहुल गांधी ने भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ बैठक की। इसके बाद तीनों नेताओं ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन पर कोई बात नहीं हुई।
- 25 अगस्त को CM बघेल वापस छत्तीसगढ़ आ गए, लेकिन टीएस दिल्ली में ही रहे। उन्होंने फिर कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए फैसला आलाकमान के पास सुरक्षित है।
- 26 अगस्त को अचानक छत्तीसगढ़ के विधायकों का दिल्ली पहुंचना शुरू हुआ। करीब 25 विधायक रात तक दिल्ली पहुंच गए। इन लोगों ने पुनिया के बंगले पर पहुंचकर कहा कि भूपेश ही उनके नेता।
- 26 अगस्त की सुबह भूपेश बघेल भी दिल्ली पहुंच गए और उनके साथ कुछ मंत्री भी गए। इसके बाद पूरे दिन विधायक, मेयर, मंडल-निगम अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, संगठन के पदाधिकारियों का दिल्ली पहुंचने का तांता लग गया। रात तक 50 विधायकों के साथ करीब 100 नेता दिल्ली में थे।
- 27 अगस्त को पूरी गहमागहमी के बीच दिल्ली में फिर भूपेश बघेल और पीएल पुनिया राहुल गांधी से मिले। 3 घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक के बाद बाहर निकले पीएल पुनिया ने कहा बघेल ही CM रहेंगे।
- 28 अगस्त कि दोपहर CM तकरीबन सभी विधायकों, नेताओं के साथ रायपुर लौट आए। इसी रात टीएस सिंहदेव भी रायपुर लौट आए, लेकिन उन्होंने परिवर्तन ही स्थायी है बयान देकर ढाई साल वाले फॉर्मूले को फिर छेड़ दिया है।
नाराज होकर जिस दिन विधानसभा छोड़ा था, उस दिन भी इसी कोर्ट पर थे सिंहदेव
विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों पर सरकार के रुख से नाराज सिंहदेव ने 27 जुलाई को विधानसभा छोड़ दिया था। कहा, जब तक सरकार उन पर लगे आरोपों पर जवाब नहीं देती वे सदन में नहीं आएंगे। सरकार संकट में थी। मुख्यमंत्री ने शाम को मंत्रियों-विधायकों की बैठक बुला ली। सिंहदेव इसमें शामिल न होकर राजकुमार कॉलेज पहुंच गए। वहां के बैडमिंटन कोर्ट पर देर तक शॉट्स खेलते रहे। उनके वापस लौटने तक सीएम हाउस में खेला हो चुका था। वहां बृहस्पत सिंह के माफी मांग लेने की पृष्ठभूमि तैयार थी। अगले दिन बृहस्पत सिंह ने आरोप लगाने के लिए खेद जताया। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, बृहस्पत सिंह के आरोप निराधार थे। सिंहदेव को संदेश भेजा गया और वह विधानसभा पहुंच गए।
