राजनांदगांव। चिटफंड कंपनियों के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आयी है। निवेशकों द्वारा जमा किए आवेदनों की अब तहसील कार्यालयों में एंट्री शुरू हो गई है। जिले में करीब सवा लाख से अधिक आवेदन जमा हुए हैं, जिसकी एंट्री सभी तहसील कार्यालयों में शुरू करा दी गई है। आनलाइन एंट्री के साथ प्रशासन चिटफंड कंपनियों के नाम की अलग सूची भी तैयार करा रहा है। जिसके माध्यम से चिटफंड कंपनियों के संपत्ति की जांच की जाएगी। इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भी जाएगी। इसके चलते जिला प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर सभी आवेदनों की आनलाइन एंट्री कराने की तैयारी कर रही है। लेकिन आवेदनों की संख्या को देख पखवाड़ेभर में इसकी एंट्री करना कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
एंट्री के बाद होगा सत्यापन आवेदनों की आनलाइन एंट्री के बाद निवेशकों के प्रकरणों की जांच भी की जाएगी। अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे ने बताया कि आनलाइन एंट्री के बाद आवेदनों का सत्यापन कराएंगे। इसके बाद ही फाइनल सूची तैयार होगी। यही सूची कलेक्टर को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम को आवेदनों की एंट्री गंभीरता पूर्वक कराने निर्देशित किया गया है। तहसील कार्यालयों में गांव स्तर पर आवेदनों का बंडल तक बनवा दिए हैं।
एक्स्ट्रा वर्क करना पड़ रहा चिटफंड कंपनियों के आवेदनों की एंट्री करने से तहसील के कर्मचारियों का वर्क लोड बढ़ गया है। हर तहसील में 10 से 15 हजार से अधिक आवेदन हैं। इन सभी आवेदनों की एंट्री के लिए कर्मचारियों को एक्स्ट्रा वर्क करना पड़ रहा है। बड़ी बात तो यह है कि प्रशासन ने आवेदनों की एंट्री जल्द से जल्द करने कर्मचारियों को निर्देशित किया है, जिसके चलते कर्मचारी सुबह से शाम कंप्यूटर एंट्री में ही लग गए हैं।
चिटफंड कंपनियों की होगी लिस्टिंग आवेदनों की एंट्री के साथ ही चिटफंड कंपनियों की लिस्टिंग भी की जाएगी। कंपनियों की अलग सूची बनेगी। ताकि जिले में कितनी कंपनियों में निवेशकों ने राशि जमा की है, उसका पता लग सकें। इसी सूची के तहत कंपनियों के अचल संपत्तियों की जानकारी तक ली जाएगी। खबर है कि चिटफंड कंपनियों की सूची बनाकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को दिया जाएगा। जिसके बाद ही चिटफंड मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
