राजनांदगांव । शहर को टैंकर मुक्त और ड्राइजोन वाले वार्डों में पर्याप्त पेजयल की आपूर्ति को लेकर तकरीबन 230 करोड़ रुपये की लागत से अमृत मिशन योजना का काम चल रहा है, लेकिन बीते चार वर्षों में अमृत मिशन की योजना धरातल पर नहीं आ पायी है। काम धीमी गति से चल रहा है।
अमृत मिशन का काम करीब डेढ़ साल पीछे हो गया है। कोरोना महामारी को लेकर ठेकेदार इसके निर्माण में मनमानी भी कर रहे हैं। इधर ‘अमृत’ के इंतजार में दो साल से शहर के लोगों को गड्ढों के कारण मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक पाइप लाइन भी नहीं बिछी है। सड़कों की खोदाई कर पाइप लाइन के लिए गड्ढे किए जा रहे हैं, जो शहरवासियों के लिए परेशानी की वजह बन रही है। वर्तमान में भी यही स्थिति है। शहर के लोग गड्ढों को लेकर परेशान हो गए हैं। नगर निगम के उप अभियंता कामना यादव ने बताया कि अमृत मिशन का काम लगभग 70 फीसद पूरा हो गया है। टांकाघर की उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण ही बाकी है। पाइप लाइन का विस्तार भी जारी है। आने वाली गर्मी से पहले काम पूरा करने की कोशिश है।
सड़कों की दशा बिगड़ी
शहर में करीब साढ़े तीन सौ किमी में पाइप लाइन का विस्तार होना है। लगभग सवा दो सौ किमी तक पाइप लाइन बिछ गई है। पाइप लाइन का विस्तार जारी ही है। पाइप लाइन बिछाने के कारण सड़कों की खोदाई की जा रही है। इसके चलते सड़कों की हालत खराब हो गई है। शहर की लगभग सभी सड़कें उखड़ी हुई है। जिसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में पाइप लाइन गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल में पानी संकट, मरीज के स्वजन हुए परेशान पेंड्री स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में मंगलवार को सुबह से दोपहर तक पानी की सप्लाई नहीं होने से मरीज व उनके स्वजनों को परेशान होना पड़ा। मेडिकल अस्पताल में पेयजल की आपूर्ति नगर निगम के टैंकरों से होती है। मंगलवार को सुबह टैंकर नहीं आने से परेशानी खड़ी हो गई थी। दोपहर तक अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके साथ रहने वाले स्वजन पानी के लिए भटकते रहे। काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। देर शाम को जब टैंकर से जलापूर्ति की गई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। जानकारों का कहना है कि मेडिकल अस्पताल में पेयजल की आपूर्ति को लेकर स्थाई व्यवस्था नहीं होने से आने वाले दिनों में भी ऐसी समस्या हो सकती है।
