राजनांदगांव । चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अभिकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों का ओरिजनल बांड ले लिया है, लेकिन न तो परिपक्वता राशि का भुगतान किया जा रहा, न ही तय शुदा जमीन उनके नाम की जा रही। उधर प्रशासन का कहना है कि मामला सेबी के पास लंबित है। वहां के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया के डायरेक्टरों पर ओरिजिनल पालिसी बांड जमा कराने व रकम नहीं लौटाने पर कार्रवाई करने की मांग की है। सोमवार को ज्ञापन सौंपकर अभिकर्ताओं ने कहा कि निवेशकों की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी जब कंपनी के डायरेक्टर पैसा नहीं लौटा रहे थे तो उन्होंने कहा था कि कंपनी की जमीन राजनांदगांव में है, जिसे वे अभिकर्ताओं के नाम रजिस्ट्री करा देंगे और उस जमीन को बेचकर अभिकर्ता निवेशकों के पैसे लौटा देंगे। अभिकर्ताओं ने कहा कि उनकी इस बात के झांसे में सभी आ गए और ओरिजिनल बाडं पेपर कंपनी में जमा करा दिया। इसके बाद कंपनी ने न जमीन रजिस्ट्री कराई और ना निवेशकों के पैसे लौटाए। वहीं ओरिजिनल बाडं पेपर भी रख लिया। अभिकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम दिए गए ज्ञापन में अनमोल इंडिया कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। चिटफंड मामले को देख करहे अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे ने बताया कि मामला अभी सेबी के पास लंबित है। वहां से आदेश के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी।
