राजनांदगांव । शहर के जमातपारा स्थित कचरा संग्रहण केंद्र में मंगलवार को दूसरे दिन भी ताला लगा रहा। सुपरवाइजर की मनमानी से परेशान स्वच्छता दीदियां सुबह से डटी रही। उन्होंने गेट के बाहर ही बैठकर भोजन किया। इस बीच नगर निगम प्रशासन ने सुपरवाइजर को हटाने का आदेश जारी कर दिया है। बुधवार से सेंटर में काम शुरू हो जाने की उम्मीद की जा रही है।
जमात पारा स्थित एसएलआरएम सेंटर में पिछले तीन दिनों से ताला लगे होने के चलते स्वच्छता दीदी के रूप में सेवाएं देने वाली महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं कर पा रही है। वहीं सोमवार को महिलाओं ने यहां बैठ कर नारेबाजी की और दूसरे दिन गेट के बाहर ही बैठकर भोजन भी किया। महिलाएं रोज की तरह कचरा संग्रहण केंद्र में कार्य करने पहुंची थी, लेकिन सेंटर में ताला लगे होने के चलते काम नहीं कर पा रही हैं। इस मामले की जानकारी जब नेता प्रतिपक्ष किसुन यदु को मिली तो वे मौके पर पहुंचे और इस अव्यवस्था को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया। किशन यदु ने कहा कि कचरा संग्रहण का कार्य पहले महासंघ बनाकर महिलाओं को दिया गया था। अब इसका कार्य किसी महिला समूह को ठेके पर दे दिया गया है। इसके बाद महिला समूह की ओर से किसी पुरुष द्वारा स्वच्छता दीदियों को काम से निकाल देने की धमकी भी दी जा रही है। जमातपारा स्थित एसएलआरएम सेंटर में सुपरवाइजर द्वारा सेंटर में ताला लगाए जाने की बात महिलाओं ने कही है, तो वहीं अपनी अन्य मांगों को भी रखा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इन महिलाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। तीन दिनी से बैठे है परंतु नगर निगम के अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचे जबकि निगम को सब पता है उसके बाद भी तीसरे दिन ताला नही खुला जबकि इसकी जानकारी दे चुके है। फिर कोई देखने तक नहीं आया। प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि सुपरवाइजर को हटा दिया गया है। बुधवार से सेंटर खुल जाएगा।
इस कारण चल रही खींचतान कचरा संग्रहण केंद्रमें काम करने वाली महिलाओं को दो सौ रुपये रोजी दी जा ती है, लेकिन उनसे काम 10 घंटे का लिया जा रहा है। कचरों के साथ आने वाले कबाड़ को बेचा जाता है,. लेकिन उसका कोई हिसाब नहीं दिया जाता। इसके अलावा भी कई तरह के विवाद के कारण हिलाओं के बीच खींचतान चल रही है। काफी दिनों से महिलाएं सुपरवाइजर को हटाने की मांग कर रही हैं।
