स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा दी गई है। सोमवार से टीका वार अभियान की शुरुआत की गई है। विभाग की ओर से उन लोगों को चिन्हांकित किया जा रहा है, जिन्होंने ने वैक्सीन की पहली डोज ही नहीं ली है। अभियान के तहत 144 सेंटरों में कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की डोज दी गई। 8 हजार से ज्यादा लोगों ने एक ही दिन में वैक्सीन की डोज लगवाई।
जिले में अब तक कुल 9 लाख 581 लोगों ने टीका लगवाया है। इनमें पहला डोज लगवाने वालों की संख्या 7 लाख 15 हजार 474 है तो वहीं सेकंड डोज केवल 1 लाख 85 हजार 160 लोग ही लगा पाए हैं। जबकि कुल टारगेट साढ़े 11 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का है। यानी की कुल 23 लाख डोज लगाना है। सेकंड डोज के टारगेट में जिला पीछे चल रहा है।
वैक्सीन की कमी से दिक्कत: स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि वैक्सीन की कमी के चलते टारगेट पूरा करने में दिक्कत आ रही हैं। वहीं रविवार को कोवैक्सीन की 30 हजार डोज पहंुची। इसके साथ सोमवार से जिलेभर में वैक्सीनेशन अभियान को गति दी गई। माहभर से गिनती के सेंटरों में ही वैक्सीनेशन हो रहा था। वहीं कई लोग पहली डोज लगाने के बाद सेकंड डोज लगवाने भी सामने नहीं आ रहे हैं।
जागरूक कर रहे हैं: सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि अब विशेष रूप से प्रत्येक सोमवार को टीका वार अभियान चलाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करेंगे। मैदानी अमले को सक्रिय किया गया है। टीम के सदस्य एक बार भी टीका नहीं लगवाने वालों का पता लगा रहे हैं। लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है।
टीम सर्वे भी कर रही
स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला अब डोर-टू-डोर सर्वे कर पता लगाने में जुटा है कि किन-किन लोगों ने पहली डोज लगवाई है। दूसरी डोज लगवाने क्यों सामने नहीं आ रहे हैं? स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को जागरूक करने में जुटी है कि कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी जरूरी है।
अभियान छेड़ा गया, सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई गई है
टीकावार अभियान के तहत सेंटरों की संख्या बढ़ते ही लोगों ने उत्साह भी दिखाया और सेंटर पहुंचकर वैक्सीनेशन कराया। विशेषकर महिलाओं और युवाओं की सेंटरों में अच्छी भीड़ रही। हालांकि कोविशील्ड वैक्सीन की कमी के चलते लोग सेकंड डोज नहीं लगवाए पाए। ग्रामीण स्तर पर सेंटरों में केवल 25 सौ कोविशील्ड की डोज उपलब्ध थी पर कोवैक्सीन पर्याप्त मात्रा में होने की वजह से पहल डोज वालों को टीका लगा। जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज संगठनों की मदद ले रहे
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए पंचायतों के साथ ही सामाजिक संगठनों, एनजीओ की भी मदद ली जा रही है। इनके माध्यम से हर गांव और कस्बे में सेंटर बनवाकर वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। दरअसल वैक्सीन की कमी के कारण 15 दिन से अभियान ठप हो गया था। इस वजह से लोग भी टीका लगवाने उत्साह नहीं दिखा रहे थे। दूसरी ओर खेती का कार्य शुरू होने के कारण लोग सेंटर नहीं पहुंच रहे थे। अब वे भी पहुंच रहे हैं।
