हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर प्रथम वर्ष की कुल 37268 सीटें हैं। अभी इन सीटों में प्रवेश के लिए 65988 आवेदन आ चुके हैं। कुल सीटों की तुलना में आवेदन की संख्या 28720 अधिक है। विवि से दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा और राजनांदगांव के 141 शासकीय और निजी कॉलेज संबद्ध हैं। इन जिलों से सीजी बोर्ड, आईसीएससी और सीबीएसई तीनों को मिलाकर 12वीं कक्षा में कुल 61566 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। सीटों की तुलना में आवेदन अधिक होने की वजह से सभी विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में प्रवेश मिलने की संभावना कम है।
प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया 2 अगस्त से शुरू हो गई है। विद्यार्थियों से 20 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। वर्तमान में आवेदन की संख्या सीटों की तुलना में लगभग दो गुना अधिक है। यह बात अलग है कि इस बार विवि ने तीन और महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान की है। इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए, बीसीए आदि अंडर ग्रेजुएशन के कोर्स शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्विनसिटी में थोड़ी राहत की स्थिति बन सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि अधिकांश विद्यार्थी आईआईटी, इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, फार्मेसी, नर्सिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट आदि कोर्स में प्रवेश लेते हैं। इन दिनों अधिकांश विद्यार्थी आने वाले दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।
कॉलेज के नाम सीटें
- साइंस कॉलेज दुर्ग 2250
- गर्ल्स कॉलेज दुर्ग 1030
- शा. कॉलेज भिलाई-3730
- वैशाली नगर कॉलेज850
- कल्याण कॉलेज से.-71470
- साइंस कॉलेज दुर्ग 2250
- गर्ल्स कॉलेज दुर्ग 1030
- शा. कॉलेज भिलाई-3730
- वैशाली नगर कॉलेज850
- कल्याण कॉलेज से.-71470
फर्स्ट ईयर और सेमेस्टर में मिले अंकों के आधार पर मिलेगा छात्रों को प्रवेश
20 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा। फिर उसे कॉलेजों को भेजा जाएगा। वहां पर आवेदनों की स्क्रूटनी होगी। इसके बाद विद्यार्थियों की 12वीं में मिले अंकों के आधार पर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी। सीटों की तुलना में यदि आवेदकों की संख्या अधिक होती है तो साइंस के विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची बनाने के लिए भौतिकी, रसायन और गणित या जीव विज्ञान में मिले अंकों के आधार पर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी। इसके आधार पर विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
इस बार प्रवेश के लिए कट ऑफ मार्क्स बढ़ा, हर विषय में औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी
अपर संचालक उच्च शिक्षा और गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुशील चंद्र तिवारी ने बताया कि इस बार अधिक बच्चे पास हुए हैं। उन्हें अंक भी अधिक मिले हैं। इस लिहाज से इस बार सभी विषयों में कट ऑफ मार्क्स अधिक हो सकता है। अभी तक साइंस में 89 फीसदी, कॉमर्स में 84 फीसदी और आर्ट्स में 78 फीसदी मार्क्स आखिरी होते थे। इस बार साइंस में 94 फीसदी, कॉमर्स में 89 फीसदी और आर्ट्स में 84 फीसदी के करीब है। इस प्रकार हर विषयों में 10 से 15 प्रतिशत तक कट ऑफ मार्क्स बढ़े हैं।
छात्रों के सामने विकल्प अन्य में भी प्रवेश का मौका
हेमचंद विवि के पूर्व प्रभारी कुलपति डॉ. ओपी गुप्ता का कहना है कि बीए, बीएससी, बीए,बीबीए और बीसीए के अलावा भी कोर्स हैं। 12वीं के बाद छात्र हॉस्पिटैलिटी या होटल मैनेजमेंट में प्रवेश ले सकते हैं। नर्सिंग, फार्मेसी समेत अन्य कोर्स भी हैं। छात्र आईटी, वेब डिजाइनिंग जैसे कोर्स भी कर सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग और इसी तरह के अन्य कोर्स भी कर सकते हैं। इसके अलावा डिप्लोमा में भी अच्छा स्कोप है। इस तरह विद्यार्थी अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोर्स का चयन कर आगे की पढ़ाई कर सकते हैं। छात्रों में इसके लिए मौका है।
ग्रेजुएशन के अन्य विषयों में 1460 सीटें और भी हैं
विवि से संबद्ध 141 कॉलेजों में बीकॉम, बीएससी, बीसीए की सीटों के अलावा 450 सीटें अन्य कोर्स की भी है। इसमें बीए-बीएड की 250 और बीएससी बीएड की 200 सीटें हैं। इन इंटीग्रेटेड कोर्स में भी 12वीं में मिले अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। यह पांच साल के कोर्स हैं। पांच साल बाद इस पाठ्यक्रम की डिग्री लेकर निकलने वाले विद्यार्थियों को अलग से बीएड करने की जरूरत नहीं होगी। वह स्कूलों में पढ़ाने के योग्य होंगे।
