राजनांदगांव। दिग्विजय स्टेडियम के सामने नवनिर्मित 30 दुकानों का आबंटन छह अगस्त को किया जाना है। एक दुकान का आफसेट मूल्य 9.80 लाख रुपये तक किया गया है। खुली नीलामी के तहत आबंटन किया जाना है लेकिन आधार मूल्य अपेक्षा से अधिक होने के कारण व्यापारियों की रूचि ही नहीं है। अंतिम दिन गुरुवार तक मात्र 21 लोगों ने ही आवेदन जमा किया। कई केटेगरी की दुकानों के लिए कोई आवेदन नहीं आया। ऐसे दुकानों की नीलामी नहीं कराई जाएगी।
दुकानों की बहुप्रतीक्षित नीलामी के लिए प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। नीलामी से होने वाली आय का उपयोग स्टेडियम के रखरखाव व अन्य जरूरी खर्चों में किया जा सकेगा। स्टेडियम के पास ब्लाक-सी में 15 व ब्लाक-ई में 15 कुल 30 दुकानों का निर्माण किया गया है। नव निर्मित दुकानों का आबंटन निर्धरित प्रीमियम तथा मासिक किराये पर किये जाएंगे। खूली नीलामी छह अगस्त को दोपहर 12 बजे से नगर निगम के टाउन हाल सभागृह में की जावेगी। प्रति दुकान प्रीमियम 9,80,700 रुपये निर्धारित किया गया है। साथ ही जिला भाडा नियंत्रण अधिकारी द्वारा निर्धारित किराया प्रतिमाह देय होगा। पहले माना जा रहा था कि एक दुकान कम से कम 12 लाख रुपये तक में नीलामी हो सकती है। यानी 3.60 करोड़ रुपए की आय नीलामी से तय मानी जा रही थी। लेकिन व्यापारियों ने बेस प्राइस अधिक बताकर नीलामी से दूर रहने का मन बना लिया।
अमानती राशि वाले ही हो सकेंगे शामिल नगर निगम आयुक्त डा. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि नीलामी में भागीदारी के लिए आवेदन पत्र के साथ आमानती राशि 98070 प्रति दुकान बैक ड्राप्ट, चेक के माध्यम से दिग्विजय स्टेडियम समिति के अध्यक्ष के नाम से जमा कराए गए हैं। अमानती राशि जमा नहीं करने वाले नीलामी में भाग नहीं ले सकते।
आरक्षण नियमों के तहत होगा बताया गया कि दुकानों की नीलामी में आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा। यानी अनारक्षित के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति, दिव्यांग, महिला, शिक्षित बेरोजगार, भूतपूर्व सेनिक, स्वतंत्राता संग्राम सेनानी, विधवा/परित्याक्ता व तृतीय लिंग वर्ग के लिए दुकानें आरक्षित की जाएंगी।
