स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव आलोक श्ुक्ला ने स्पष्ट कर दिया है कि मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और जिला अस्पताल अलग-अलग संचालित होगा। बुधवार को कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बसंतपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। अधीक्षक और सिविल सर्जन को सेटअप के अनुसार व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने फिजियोथेरेपी विभाग, ऑपरेशन थियेटर, पुरुष सर्जिकल वार्ड, अस्थि रोग विभाग, आईसीयू, प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ड्रेनेज की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव बनाने सीजीएमएससी के इंजीनियर को निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर, सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी, अधीक्षक डॉ. संदीप चंद्राकर, सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को 10 अगस्त के भीतर पूरा सेटअप पेंड्री ले जाने कहा है, ताकि वहां अस्पताल का संचालन शुरू हो सके। इधर सिविल सर्जन डॉ यूएस चंद्रवंशी ने जिला अस्पताल संचालन के लिए डीएचएस के डॉक्टरों को निर्देशित करते हुए विभागवार जरूरी सामानों के लिए मांग पत्र देने कहा है ताकि समय रहते जरूरी उपकरण और अन्य सामग्री की मांग कर सके।
सामानों की व्यवस्था
अधीक्षक को डीएमई के अंतर्गत खरीदे गए उपकरणों को पेंड्री ले जाने कहा। सिविल सर्जन ने बताया कि डॉक्टरों से मांग पत्र मांगा गया है। इसे शासन को भेजा जाएगा, ताकि जरूरत के सामान मिल सके।
