राज्य सरकार की ओर से चिटफंड कंपनियों में डूबी रकम वापस दिलाए जाने की घोषणा के बाद से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। जिले में विभिन्न कंपनियों में लोगों ने करोड़ों रुपए निवेश किए हैं पर कंपनियां गायब हो गई हैं। रकम वापसी के लिए बुधवार से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई तो तहसील कार्यालय में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।
इस दौरान पता चला कि लोगों ने पैसे डबल होने के चक्कर में कंपनियों में जमा पूंजी निवेश कर दिया, रकम वापसी नहीं हुई तो बेटी की शादी के लिए खेत बेचा तो किसी ने बेटे की पढ़ाई और नौकरी लगाने के लिए घर के गहने गिरवे रखे। निवेशकों का कहना है कि 15 से 20 सालों से रकम वापसी के लिए चक्कर लगा रहे हैं। राज्य शासन की ओर से रकम वापसी के लिए एक बार फिर आवेदन मंगाए जा रहे हैं। 5 और 6 अगस्त तक निवेशकों से आवेदन लिए जाएंगे। तहसील कार्यालय में बुधवार को ढाई सौ से ज्यादा आवेदन जमा हुए हैं।
प्रोफार्मा में देनी है जानकारी
तहसील कार्यालय परिसर में निवेशक आवेदन जमा करने आ रहे हैं। इन्हें एक प्रोफाॅर्मा जारी किया है। इस प्रोफाॅर्मा में नाम, कंपनी का नाम, निवेश की गई राशि, एजेंट का नाम, कंपनी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं। किस स्कीम के तहत राशि जमा कराई? रकम जमा करने की तारीख भी बतानी होगी। इसी आधार पर रकम की वापसी होगी।
शासन को भेजी जाएगी सूची
एसडीएम मुकेश रावटे ने बताया कि निवेशकों ने कंपनियों में पैसे जमा कराए हैं। पहले दिन ढाई सौ आवेदन आए हैं। इन आवेदनों को राज्य शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर जिस कंपनी से राशि वसूल ली गई है, उनके निवेशकों को क्रमबद्ध राशि जारी होगी। यह सब शासन स्तर पर तय होगा। 6 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे।
प्रोटोकाॅल की उड़ रही धज्जियां
तहसील परिसर में आवेदन जमा करने के लिए तीन काउंटर लगाए गए हैं पर यहां पर भीड़ ज्यादा लग रही। इसके चलते कोरोना प्रोटोकाॅल की धज्जियां उड़ रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ही नहीं हो रहा है। कई निवेशक बिना मास्क के नजर आए। यहां सैनिटाइज करने की भी सुविधा नहीं दी गई है। लापरवाही बरती जा रही है।
आवेदन करने की तारीख बढ़ाएं
शिवसेना की ओर से आवेदन जमा करने की तारीख बढ़ाए जाने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि जिले में निवेशकों की संख्या सैकड़ों में है। शासन की ओर से 6 अगस्त अंतिम तारीख तय की गई है। ऐसे में सभी निवेशक आवेदन नहीं कर पाएंगे। प्रशासन को समय बढ़ाकर निवेशकों को राहत देनी चाहिए।
रकम वापसी के लिए मांगे आवेदन से अब बढ़ी उम्मीद
अंबागढ़ चौकी क्षेत्र से आए मानिक राम देवांगन ने बताया कि गांव के एक एजेंट के चक्कर में तीन लाख रुपए चिटफंड कंपनी में जमा कराए। यह रकम बेटी की शादी के लिए रखे थे। रकम डबल होने के लालच में पड़ गए। खेत को बेचना पड़ गया।
गातापार के राकेश ढीमर ने बताया कि 15 साल पहले चार लाख रुपए चिटफंड कंपनी में जमा कराए थे। कंपनी बंद हो गई और एजेंट ने पैसे नहीं लौटाए। बेटे की पढ़ाई के लिए बाजार से कर्ज लेना पड़ा। इसे चुकाने के लिए गहने तक गिरवी रखने पड़ गए।
रानीतराई निवासी नोहर लाल साहू ने बताया कि सन साइन कंपनी के अफसरों ने राशि डबल होने का झांसा दिया। इसलिए पैसे निवेश कर दिए। वापसी के लिए 15 साल से चक्कर लगा रहे हैं। बचत रकम नहीं मिलने से आर्थिक रूप से परेशान हैं।
कवर्धा : 25 हजार निवेशकों के 50 करोड़ रुपए फंसे
वी-रियालिटी इंडिया लिमिटेड कंपनी के अलावा पीएसीएल, रोज वैली समेत 5 अन्य चिटफंड कंपनियों ने कबीरधाम जिले के लगभग 25 हजार निवेशकों को ठगा है। इन कंपनियाें में निवेशकों का करीब 50 करोड़ रुपए फंसा है, जिसके वापस मिलने की उम्मीद अब बंधने लगी है। चिटफंड कंपनियों के निवेशकों से 6 अगस्त तक तय प्रपत्र में आवेदन मंगाए गए हैं।
बालोद : 18 में से 11 चिटफंड कंपनियों की संपत्ति ही नहीं
जिले में पहली बार चिटफंड कंपनी में डूबी रकम की वापसी को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। लोग आवेदन करने पहुंच रहे हैं, जो 2010 से 2015 तक पैसा दोगुना-तिगुना मिलने के लालच में आकर चिटफंड कंपनियों में पैसा निवेश किए थे। जिले के 32 हजार 164 निवेशकों का 18 चिटफंड कंपनियों में 135 करोड़ 88 लाख 93 हजार 178 रुपए जमा हैं।
बलौदाबाजार : पैसे वापस लेने 3 दिनों में 8600 आवेदन जमा
चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर रकम गंवाने वालों की सुध अब जाकर राज्य सरकार ने ली है। पीड़ितों की संख्या और ठगी की राशि का ब्यौरा एकत्र करने का काम शुरू कर दिया गया है। 3 दिन के अंदर बलौदाबाजार सब डिवीजन के बलौदाबाजार सहित पलारी, लवन क्षेत्र के 8600 पीड़ितों ने तहसील कार्यालय में रकम वापसी के लिए आवेदन लगाए हैं।
धमतरी : 1.20 लाख निवेशक, आवेदन के लिए सिर्फ पांच दिन
जिले में 16 चिटफंड कंपनियों में 1.20 लाख परिवारों के 1000 करोड़ रुपए फंसे हैं। रकम वापसी के लिए सरकार आवेदन ले रही है। इसके लिए सिर्फ पांच दिन दिए गए हैं। इस कारण आवेदन देने वालाें की राेज भीड़ लग रही। भगदड़ भी हो रही।
