चिचोला। कोरोना की तीसरी लहर के खौफ के बीच सोमवार से स्कूलों के बंद दरवाजे खुल गए हैं। महामारी के चलते पिछले दो सत्र से स्कूलों के पट बंद थे। मोहल्ला क्लास और आनलाइन के जरिये की स्कूली बच्चों की पढ़ाई चल रही है। इसके तहत की बच्चों का जनरल प्रमोशन देकर उत्तीर्ण किया गया। आनलाइन क्लास में भी कई बच्चें शामिल नहीं हो पा रहे थे। इसको लेकर ही सरकार ने कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्कूलों के संचालन को शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद सभी स्कूलों के दरवाजे खुल गए। पहले दिन स्कूलों में बच्चों का थर्मल स्क्रीनिंग कर प्रवेश दिया गया। स्कूलों में सैनिटाइजर की व्यवस्था भी रखी गई है।
चिचोला हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य एसआर कौचे ने कहा कि स्कूल खुलने से पहले सभी कक्षाओं की साफ सफाई करा ली गई थी। सभी जगहों को सैनिटाइजर किया गया है। प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों की डिजिटल थर्मामीटर से शरीर का तापमान लेने की व्यवस्था रखी गई है। किसी भी विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण का कोई लक्षण दिखाई नहीं मिला। बच्चों को मास्क का वितरण तक किया गया। साथ ही सभी कक्षाओं में हैंडवास और सेनीटाइजर की व्यवस्था की गई है। बच्चों को शाला में पहले दिन कोरोना गाइड लाइन का पालन कराते हुए कक्षा में प्रवेश दिया गया। सैनिटाइजर के उपयोग करने के बारे में प्राचार्य ने बच्चों विस्तार से समझाया। जिस पर विद्यार्थियों ने कहा कि बीते सत्र घर में रहकर आनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन स्कूलों में पढ़ाई करने का अलग ही एहसास होता है। विद्यार्थियों ने कहा कि आनलाइन कक्षाओं में शिक्षकों ने भरपूर योगदान दिया गया पर घर में रहते कई बार क्लास ज्वाइन नहीं कर पाते थे। जिसका हमें अफसोस है। अब विद्यालयों की शुरुआत हुई है, जिससे हर क्लास को हम ज्वाइन कर पाएंगे और शिक्षकों से रूबरू होकर पढ़ाई करेंगे। शालाओं की खुलने से बच्चों का उत्साह देखने को मिला। पहले दिन चिचोला हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य एसआर कौचे, शिक्षक पीसी जोशी, एमएल देवांगन, डीआर सिन्हा एम वर्गीस, जे. कुजुर, पुनाराम सिन्हा व शाला विकास समिति के सदस्यों के साथ पालक भी उपस्थित रहे।
