कोविड संक्रमण के मद्देनजर पालकों और पंचायतों से अनुमति लेने के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्कूलों में शाला प्रबंधन समितियों की बैठकें होने लगी हैं। बजरंगपुर नवागांव स्थिति शासकीय पूर्व उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रबंधन समिति के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि अभी दो माह तक स्कूल का संचालन नहीं करेंगे बल्कि सितंबर से स्कूल खोलेंगे।
पालकों का कहना है कि अभी बारिश का मौसम है और वायरल फीवर की गंभीर शिकायतें सामने आ रहीं हैं। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए दो माह बाद ही स्कूल खोलेंगे। इधर आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शासन की गाइड लाइन के अनुसार संचालित होगी पर सीमित बच्चों को ही कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। बजरंगपुर नवागांव वार्ड के पार्षद राजा तिवारी ने बताया कि शाला प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इस दौरान पालकों को बुलाकर उनकी राय ली गई। ज्यादातर पालकों ने कहा कि अभी मौसम खराब चल रहा है और लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार की लगातार शिकायतें आ रहीं हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजकर रिस्क नहीं उठा सकते।
शिक्षकों की भी कमी: पार्षद ने बताया कि पालकों ने सितंबर माह से स्कूल का संचालन करने सहमति दी है। बैठक के दौरान शिक्षकों की कमी को लेकर भी चर्चा की गई। बताया कि यहां पर 8 शिक्षकों की कमी है। इसे लेकर पालक जल्द ही बीईओ को मांग पत्र सौंपने वाले हैं। मध्याह्न भोजन संचालित करने वालों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने भी कहा गया है। इसी तरह शहर में संचालित आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रबंधन की ओर से भी पालकों की बैठक लेकर उनकी राय ली है।
जानिए, ऐसे होगा संचालन
प्राचार्य आशा मेनन ने बताया कि फिलहाल कक्षा 8 वीं, 10 वीं और 12 वीं के बच्चों को स्कूल बुलाएंगे। प्रत्येक कक्षा में 22 बच्चे ही सोशल डिस्टेंस बनाकर बैठेंगे। प्राचार्य ने बताया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को ढाई घंटे के लिए बुलाया जाएगा। मध्याह्न भोजन बनना शुरू होने पर बच्चों की निर्धारित समय तक कक्षाएं लेंगे। कक्षा 6 वीं और 7 वीं और 9 वीं की ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी।
जायजा: मेयर पहुंची स्कूल
स्कूल खुलने की तैयारी का जायजा लेने के लिए महापौर हेमा देशमुख ने चेयरमैन राजा तिवारी, गणेश पवार के साथ सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण किया। महापौर ने क्लास रूम में की गई साज-सज्जा की तारीफ की। लैब का भी निरीक्षण किया। महापौर ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूल संचालित करने के निर्देश दिए। कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
