राजनांदगांव । स्कूली बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की नींव मजबूत करने शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू दी है। अब शिक्षा बच्चों के साथ माताओं को पढ़ाई से जोड़ेंगे। यहीं नहीं बच्चों के माताओं को खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा देने की सीख दी जाएगी। इसके लिए संकुल समन्वयकों व शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दरअसल शिक्षा विभाग द्वारा इन दिनों अंगना में शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को घर जाकर कविता सुनाना, आओ लिखना सीखे, चलो खेले खेल, मेहमान पहचानो, लुकाछिपी, आओ शब्द बनाए, आओ नाचे गाए आओ, वर्गीकरण करना, क्रम से सजाना, गिनती सीखना, जोड़ना, घटाना की जानकारी देंगे। जिले के सभी ब्लाकों में बारी-बारी से शिक्षकों को अंगना में पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। इसके बाद चयनित शिक्षकों द्वारा बच्चों के माताओं को पढ़ाई से जोड़ने के साथ ही बच्चों को घर में पढ़ाने के तरीके भी बताएंगे। पहले ब्लाक के कुछ शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
शिक्षा विभाग के अफसरों का मानना है कि बच्चे अपनी माता से बहुत कुछ सीखते हैं। घर से उनका बहुत सारा सीखना शुरू हो जाता है। अतः कोरोना काल मे अंगना म शिक्षा के तहत माताओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है।जिससे बच्चो के दैनिक क्रियाकलाप को शिक्षा के रूप में हम परिवर्तित कर सके। अंगना म शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ना है एवं माताओं का उन्मुखीकरण कर उनका सहयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास में लेना है। अंगना में शिक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चों का स्कूल आने से पहले की तैयारी व खेल खेल में माताओं के द्वारा बच्चो के सर्वांगीण विकास कैसे किया जा सकता है इसके बारे में बताया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद शिक्षक बच्चों के घर पहुंचेंगे। घर नहीं पहुंचने की स्थिति में बच्चों के माताओं को स्कूल में बुलाकर बच्चों को घर में पढ़ाई की तरीके बताएंगे। ताकि बच्चा स्कूल नहीं आने की स्थिति में घर से ही अपने मां के माध्यम से पढ़ाई कर सकें। विभाग बच्चों के साथ माताओं को भी पढ़ाई से जोड़ेंगे। पहले ब्लाक स्तर से इसकी शुरूआत होगी। इसके बाद शिक्षक अपने-अपने स्कूल जाकर बच्चों को अंगना में शिक्षा के तहत पढ़ाएंगे।
