छत्तीसगढ़ के बस्तर में लाल आतंक को जड़ से खत्म करने पुलिस ने विशेष प्लान बनाया है। इसके तहत अब यहां नक्सलियों से लोहा लेने के लिए बस्तर फाइटर्स (टाइगर) तैयार किए जाएंगे। इसमें केवल बस्तर संभाग में आने वाले 7 जिलों के 2800 युवाओं को ही भर्ती किया जाएगा। यानी हर जिले से 400 युवा भर्ती होंगे। स्थानीय युवाओं को भर्ती करने से नक्सलवाद के खात्मे के साथ युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। बस्तर IG सुंदरराज पी ने कहा है कि इससे बस्तर क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।
बजट सत्र में हुई थी घोषणा, 26 जुलाई को स्वीकृति का पत्र हुआ जारी
छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी। इसके बाद इसकी स्वीकृति का इंतजार था। इसके लिए 26 जुलाई को पत्र जारी किया गया है। माना जा रहा है अब इसके लिए प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। संभाग के सातों जिले बस्तर , दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर व कोंडागांव में इस बल के लिए प्रत्येक जिले में 400-400 युवाओं की भर्ती होनी है। इसमें उप पुलिस अधीक्षक से लेकर आरक्षक तक की भर्ती इन सातों जिलों के इस विशेष बल में होगी।
दक्षिण बस्तर के जिलों को होगा ज्यादा फायदा
नक्सलियों से लोहा लेने के लिए तैयार किए जा रहे बस्तर फाइटर्स (टाइगर) विशेष बल का सबसे ज्यादा फायदा दक्षिण बस्तर के जिलों को मिलेगा। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा के अलावा नारायणपुर जिले के कई गांव आज भी नक्सलियों के कब्जे में हैं। नक्सली इन गांव के युवाओं को संगठन में शामिल करने की कोशिशों में लगे रहते हैं। ऐसे में नक्सलवाद का दंश झेल रहे इन गांव के युवाओं की पुलिस में भर्ती होती है, तो काफी हद तक इन इलाकों से नक्सली बैक फुट पर चले जाएंगे। साथ ही स्थानीय युवा बस्तर की भौगोलिक स्थित से परिचित भी हैं। जिसका बड़ा फायदा पुलिस को नक्सल ऑपरेशन में मिलेगा।
IG बोले – भर्ती का फायदा स्थानीय युवाओं को मिलेगा
बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर फाइटर्स (टाइगर) विशेष बल के लिए 2800 पदों की स्वीकृति मिल गई है, अब नियमावली बन रही है। शासन स्तर से नोटिफिकेशन जारी होगा। इस विशेष बल की भर्ती का फायदा बस्तर के ही स्थानीय युवाओं को मिलेगा। सिर्फ रोजगार व नक्सल ऑपरेशन ही नहीं बल्कि एक नया बदलाव भी आएगा।
