राजनांदगांव. शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग एवं प्राणीशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संस्था प्राचार्य डॉ. श्रीमती सुमन सिंह बघेल के मुख्य संरक्षण में महत्तम विषय ”वर्षा जल संग्रहणÓÓ पर ऑनलाईन प्रबुद्ध विचार विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्षा जल संग्रहण को सामयिक आवश्यकता बताते हुए विचारविमर्श कार्यक्रम का संचालन करते हुए सर्वप्रथम भूगोल विभागाध्यक्ष कृष्ण कुमार द्विवेदी ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित करना ही रेन वॉटर हारर्वेस्टिंग कहलाता है। इसके लिए वर्षा जल को संग्रहित कर गड्ढे में एकत्रित किया जाता है। विशेषकर खुले ग्रामीण क्षेत्रों में मेढ़ / बंधी बनाकर भूमि सतह पर बहने वाले जल को रोकना और धीरे-धीरे आसपास के कुंओं जलाशयों को पुर्न जलयुक्त किया जाता है। इसी प्रक्रिया में नगरीय क्षेत्रों में मकानों, आवासों की छतों से वर्षा समय में गिरते जल को छत से पाइप के द्वारा भू-तल में तैयार सोखता गड्ढे में इक_ा किया जाता है जिससे हेण्डपंप, नलकूप तथा आवासीय क्षेत्र में भू-जल की कमी को बड़ी सहजता से जल समृद्ध किया जाता है। इसी क्रम में प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष महेन्द्र कुमार मेश्राम ने बताया कि वर्तमान समय में नगरीय क्षेत्र में गहराते जल संकट की समस्या का सरलतम उपाय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग ही है। विशेषकर वृहद आकार वाले आवासों और बड़े सार्वजनिक भवनों की छतों से वर्षाकाल में बहने वाले जल को उपयुक्त पाईप लाईन के माध्यम से छोटे-बड़े तालाबों, जलाशयों को भी पुर्नजीवित किया जा सकता है। विचार विमर्श की इसी कड़ी में आगे प्रो. आलोक जोशी ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण से ही चतुर्दिक फैले जल संकट से बचाव के लिए एक प्रभावी पहल की जा सकती है। विशेष रूप से घर-घर में वर्ष भर भू-तल में पर्याप्त नमी, आद्र्रता बनाये रखने और भू-जल स्तर बढ़ाने में वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक ही सबसे उपयोगी विधि मानी जाती है और इसके लिए घर-घर पहल की जानी चाहिए। विचार विमर्श के अंतिम पड़ाव में वनस्पतिशास्त्र के अतिथि व्याख्याता प्रभात बैस ने कहा कि भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए एक प्रभावकारी विधि के रूप में वर्षा जल संग्रहण को प्रमुख उपाय माना जा रहा है और यदि प्रत्येक घर आवास के निवासी वर्षाकाल में अनिवार्य रूप से वर्षा जल का संग्रहण करते हंै तो स्वत: ही नगर, ग्रामों में जल संकट समाप्त किया जा सकता है। विचार विमर्श समन्वयक प्रो. द्विवेदी ने निष्कर्ष टीप में बताया कि वर्षा जल संग्रहण की क्रियाविधि वर्तमान समय में अखिल विश्व में सबसे अधिक लोकप्रिय है। देश-प्रदेश के शिक्षित युवा, छात्रगण एवं समाजसेवी कार्यकर्ता इस रेन वॉटर हार्वेस्टिंग विधि को समझे, जाने और मौलिक दायित्व के रूप में आम जन-जन को जागृत करें।
