राजनांदगांव. झुग्गी झोपड़ी में निवासरत लोगों को उनका पक्का आशियाना उपलब्ध कराने की मंशा से शासन-प्रशासन के द्वारा मोती तालाब पार क्षेत्र निवासियों को रेवाडीह में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराया गया, इसके बाद कुछ परिवार के लोग वहां निवास करने चले गए, लेकिन अधिकांश परिवार के लोग अब भी मोती तालाब पार में काबिज हैं। न्यायालय के आदेश अनुसार तालाब पार में आवास नहीं बनाया जा सकता और यहां निवासरत लोगों के व्यवस्थापन को लेकर आदेश भी जारी किया गया। जिसके तहत मोती तालाब पार क्षेत्र के लोगों का व्यवस्थापन के उद्देश्य से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान उपलब्ध कराया गया है, लेकिन लगभग 2 वर्ष बाद भी यहां के लोग मोती तालाब पार क्षेत्र से नहीं हटना चाहते हैं, जबकि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटित मकानों को भी अपने कब्जे में ले लिया है, इसके बावजूद यहां के लोग इसी जगह पर पट्टे की मांग कर रहे हैं। मोती तालाब पार क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि रेवाडीह दूर है और उनकी रोजी-रोटी शहर में ही चलती है। वहीं बच्चों के स्कूल बाजार और अन्य सुविधाएं यहां नजदीक है। रेवाड़ी जाने से दूरी बढ़ेगी और उन्हें आवागमन का अतिरिक्त भार भी पड़ेगा। वहीं जनता कांग्रेस के जिला अध्यक्ष समसुल आलम ने कहा कि मोती तालाब पार क्षेत्र के लोग रेवाडीह के मकानों में नहीं जाना चाहते हैं, उन्हें यही का स्थाई पट्टा दिया जाए।
मोती तलाब पार में निवासरत लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का मकान नगर निगम के द्वारा उपलब्ध कराया गया है , लेकिन 2 वर्ष में भी नगर निगम के द्वारा उनका व्यवस्थापन नहीं कराया जा सका है। समय-समय पर मोती तालाब निवासी नगर निगम का घेराव कर उन्हें यहां से नहीं हटाने की मांग करते हैं । वहीं नगर निगम प्रशासन झुग्गी झोपड़ियों को तोड़ने नोटिस जारी कर महज खानापूर्ति करता है, ऐसे में कुछ राजनीतिक दल भी अब मोती तालाब पार निवासियों के समर्थन में सामने आए हैं। जनता कांग्रेस के द्वारा मोती तालाब पार निवासियों का समर्थन करते हुए आज नगर निगम का घेराव किया गया और प्रदेश शासन के खिलाफ पट्टा देने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की गई।
