नेशनल मेडिकल काउंसिल की ओर से अगर जल्द अनुमति दे दी गई तो अब मेडिकल स्टूडेंट्स को एमबीबीएस के बाद पीजी करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही मास्टर डिग्री प्राप्त कर विषय विशेषज्ञ बन पाएंगे। एनएमसी की टीम लगातार विभागवार निरीक्षण करने आ रही है। एनएमसी के निर्धारित नॉर्म्स पूरे होंगे तो कॉलेज को 10 विषयों पर पीजी की मान्यता मिल जाएगी। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से एनएमसी के समक्ष बेहतर परफार्मेंस की तैयारी पूरी कर ली गई है।
अब तक निर्धारित सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही थी। मेडिकल स्टूडेंट्स डॉक्टर की पढ़ाई पूरी कर रहे थे पर किसी भी सब्जेक्ट में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए दूसरे कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ रहा था। डॉक्टर की पढ़ाई के साथ ही यह भी जरूरी होता है कि विषय विशेषज्ञ बनें। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से 10 सब्जेक्ट में पीजी के लिए अनुमति मांगी गई है।
इसलिए नॉर्म्स का पालन हो रहा है या नहीं? यह जानने के लिए एनएमसी की टीम अलग-अलग डिपार्टमेंट का निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट ले रही है डीन डॉ. रेणुका गहने ने बताया कि एनएमसी को 10 विषय में पीजी के लिए अनुमति मांगी गई थी। इसलिए टीम यहां निरीक्षण करने आई है। अनुमति मिलने के बाद यहां पीजी की तैयारी शुरू कराई जाएगी।
