बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: अरपा अर्पण महाभियान समिति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य शासन व बिलासपुर नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हंै। जवाब पेश करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। याचिकाकर्ता संस्था ने अरपा नदी में मापदंडों के विस्र्द्ध रेत उत्खनन करने का आरोप लगाया है। अरपा अर्पण महा अभियान समिति ने वकील अंकित पांडेय के जरिए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि अरपा नदी से मापदंडों के पालन किए बिना अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। इससे नदी को नुकसान पहुंच रहा है।
ईको सिस्टम चौपट होने से नदी सूख रही है। वहीं शासन को राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। अरपा में जो उत्खनन हो रहा है उसमें धारणीय रेत खनन प्रबंधन गाइडलाइन 2016 का पालन नहीं किया जा रहा है। बीती सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने राज्य शासन, खनिज विभाग व बिलासपुर नगर निगम को नोटिस जारी जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे।
बुधवार को जनहित याचिका की सुनवाई कार्यकारी चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि बीती सुनवाई के दौरान जारी किए गए अंतरिम आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी प्रकार नदी में कुछ जगह पनप रही जलकुंभी को हटाने की दिशा में भी अभी काम बाकी है।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद नगर निगम बिलासपुर से जलकुंभी के संबंध में रिपोर्ट और राज्य शासन व नगर निगम दोनों से अंतरिम आदेश के बारे में हो रही कार्रवाई के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। निगम के वकील ने कोर्ट को बताया कि जलकुंभी हटाने के बारे में जवाब पूरा नहीं बन पाया है। दो दिन की मोहलत मांगी। इस पर कोर्ट ने एक सप्ताह का समय दते हुए विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हंै। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तिथि तय कर दी है।
