प्रदेश में रविवार को कोरोना के 229 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें रायपुर के 19 केस शामिल हैं। इस दौरान प्रदेश में तीन मौतें भी हुई है। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के एपिडेमिक कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा के मुताबिक प्रदेश में कोरोना की स्थिति का जायजा लेने अब केंद्र की ओर से कोई टीम नहीं आएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रायपुर एम्स के डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है। जो प्रदेश के सबसे अधिक एक्टिव मरीजों वाले जिलों बीजापुर, सुकमा, बस्तर, जांजगीर चांपा और दंतेवाड़ा में कोरोना की स्थिति की पड़ताल कर केंद्र को रिपोर्ट सौंपेगी।
इन जिलों में पिछले तीन हफ्तों से एक्टिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रदेश के 45 प्रतिशत से अधिक केस इन्हीं जिलों से निकल रहे हैं। बीजापुर में एक्टिव मरीजों की संख्या 600 से अधिक है। जबकि सुकमा में ये आंकड़ा अब 500 के नजदीक पहुंच गया है। बस्तर, जांजगीर चांपा, और दंतेवाड़ा में ये आंकड़ा 300 के करीब है।
ब्लैक फंगस के 115 मरीज स्वस्थ्य
राहत की बात ये है कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के 115 मरीज अब तक पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में इस बीमारी के अभी तक 372 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें 233 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। अभी 189 मरीज एक्टिव हैं यानी अस्पताल में इलाजरत हैं। 38 मरीजों की मौत ब्लैक फंगस की वजह से हुई है। जबकि 21 मौत ब्लैक फंगस के साथ कोमॉर्बिडिटी की है।
जहां केस ज्यादा, वहां करेगी पड़ताल
प्रदेश में कोरोना की स्थिति के विश्लेषण के लिए केंद्र ने रायपुर एम्स के डॉक्टरों की टीम बनाई है। इसके बारे में हमें सूचना दी गई है। ये टीम सर्वाधिक एक्टिव मरीजों वाले जिलों की स्थिति की पड़ताल करेगी।
