कोरोना काल में जब लोग बेड, वेन्टी लेटर, आक्सीकजन और एम्बूलेंस के लिए भटक रहे थे तब मानवता को ध्यान में रखते हुए इन लोगो ने, लोगो को आक्सीजन और एम्बूलेंस घर तक पहुचाई पूरे भारत के हास्पितल के खाली बेड और वेंटिलेटर की जानकारी हर 1 घंटे के खाली बेड के अपडेट लोगो तक पहुचाये और अपनी जान को दाव में रखकर कोरोना मरीजों को अस्पाताल तक पहुचाया। कोरोना काल में ऐसे ही इन लोगो की कडी बनती गई और पूरे भारत में लाखो लोगो का एक समूह बनकर सेवा करने लगा और हजारो लोगो की जान बचाई जा सकी। टीम मानवता से कई विदेशी लोग भी जुडे है जो लोग कोरोना से बचे वे आज भी अपने वाट्सअप में मानवता की डी.पी. (फोटो) रखे है और उनका कहना है अब यह जीवन मानवता की ही देन है और हम इसे मानवता की सेवा में ही लगायेंगे। टीम मावनता के संस्थानपक राजीव चौबे जी है।
