राजनांदगांव : जिले में एक सप्ताह में 347 क्विंटल दलहन-तिलहन उपार्जन
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में रबी मौसम की दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके लिए कृषि सहित संबंधित विभागों को किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 15 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के उपार्जन केंद्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड, सुकुलदैहान के माध्यम से खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिसके लिए सोयाबीन 5 हजार 328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8 हजार रूपए प्रति क्विंटल, चना 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7 हजार रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों 6 हजार 200 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सप्ताह जिले में कुल 347 क्विंटल दलहन-तिलहन की खरीदी की गई है। इसमें एफपीओ सुकुलदैहान द्वारा 75 किसानों से 53 क्विंटल चना, 220 क्विंटल मसूर एवं 1 क्विंटल सरसों तथा सेवा सहकारी समिति तुमड़ीबोड़ द्वारा 73 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई है। एकीकृत किसान पोर्टल में पीएसएस के तहत चना के लिए 529 किसान, मसूर के लिए 264 किसान एवं राई व सरसों के लिए 82 किसानों सहित कुल 649 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। शेष किसानों से भी अपील की गई है कि वे शीघ्र पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसान एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराएं, ताकि खरीदी की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


