ख्याति प्राप्त पुरातत्वविद् डा.रमेश कुमार वर्मा का आंरग दौरा
आंरग-शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मंदिरो की नगरी व रामायण व महाभारत कालीन स्थर आंरग के अंधियार खोप तालाब में पुरातत्व के महत्वपूर्ण मूर्तिया प्राप्त हूई है ज्ञात हो तालाब के सफाई व गहरीकरन के दौरान हो रही खुदाई से ये मूर्तिया प्राप्त हूई है जो बहूत ही सुंदर व काफी प्राचीन है इससे पहले भी हजारो मूर्तिया आंरग से प्राप्त हूई है वही आंरग में अचानक प्राप्त हूई मूर्तिया नगर में चर्चा का विषय बनी हूई है ख्याति प्राप्त पुरातत्वविद् रमेश कुमार वर्मा ने आंरग मे प्राप्त हूई मूर्तिया के विषय में कहा कि यह मूर्तिया काफी प्राचीन है और आंरग क्षेत्र के प्राचीन काल में बहुत ही समृद्ध होने का प्रमाण दर्शाती है उन्होने कहा कि आंंरग से लगे रीवा नामक ग्राम मे भी खुदाई हो रही जिसमे भी कई बहुमूल्य वस्तुओ प्राप्त हूई है अभी और खुदाई होनी है ज्ञात हो बीते दिनो नगर के झलमला तालाब मेे भी सफाई के दौरान खंडित प्राचीन पाषाण प्रतिमा प्राप्त हूई थी जिनमें देवी की प्रतिमा का फोटो व विडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है कुछ इतिहासकारो ने पहले प्राप्त खंडित प्रतिमा को छायाचित्र के आधार पर भैरव का बताया था जिसके बाद पुरातत्व विभाग पुरातत्व विद् व इतिहासकार तथा शासकीय विभाग से एस.डी.एम. व स्थानीय वार्ड पार्षद से इन सभी मूर्तिया को महंत घासीदास संग्रहालय रायपुर में संरक्षित करने की सहमति जताई है इस आधार पर यह मूर्तिया राज्य की धरोहर के रूप मे संग्राहलाय मे संरक्षित की जायेगी।
