गौरेला पेंड्रा मरवाही, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा एकीकृत फार्मिग क्लस्टर परियोजना के तहत ग्राम पंचायत भाड़ी और देवरीखुर्द में संचालित आजीविका सेवा केन्द्रों का कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने गुरुवार को निरीक्षण किया। आजीविका सेवा केन्द्रों में महिला सशक्तिकरण के तहत वित्तीय एवं संस्थागत संपर्कए विपणन एवं बाजार संपर्कए क्षमता निर्माण एवं प्रशीक्षण और कृषि एवं सहायक सेवाएं दी जा रही है।
साथ ही हितग्राहियों के लिए खेती हेतु बीजए जैविक खादए दवाई और मुर्गीए बकरीए मछली पालन हेतु अच्छी नस्ल की ब्रीड और उनके चारा, दाना, वैक्सीन आदि आवश्यकतानुसार आपूर्ति किया जा रहा है। महिला किसानों द्वारा उत्पादित फसलों एवं उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार व्यवस्था सामूहिक रूप से आजिविका सेवा केन्द्र के माध्यम से की जाएगीए, जिससे उन्हें उचित लाभ मिल सके। कलेक्टर ने समूह की महिलाओं को आजीविका सेवा केन्द्रों का भरपूर लाभ उठाने सलाह दी।
जिला पंचायत सीईओ रावटे ने बताया कि जनपद पंचायत पेण्ड्रा में चार आजीविका सेवा केंद्र भाड़ी, देवरीखुर्द, कोटमीकला और नवागांव की स्थापना की गई है। इन सेवा केंद्रों के सहयोग से समूह की महिलाएं लखपति दीदी बनेंगी। सेवा केंद्रों में शामिल 16 ग्रामों की 1203 महिला किसानों की पहचान कर उन्हें मुख्य रूप से कृषि से संबद्ध आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। इनमें 530 महिलाओं को सब्जी बाड़ीए 220 महिलाओं को मुर्गी पालनए 354 महिलाओं को बकरी पालन और 99 महिला किसानों को मछली पालन आजीविका गतिविधि से जोड़ा गया है।
आजीविका सेवा केंद्र भाड़ी के अंतर्गत ग्राम भाड़ी, विशेषरा, सकोला एवं कंचनडीह, आजीविका सेवा केंद्र देवरीखुर्द के अंतर्गत ग्राम देवरीखुर्द, देवरीकला, अमारू एवं तिलोरा, आजीविका सेवा केन्द्र कोटमीकला के अंतर्गत ग्राम कोटमीकला, दमदम, गोढ़ा एवं केशला और आजीविका सेवा केंद्र नवागांव के अंतर्गत ग्राम नवागांव, बारीउमरांव, झाबर एवं गिरारी को शामिल किया गया है। आदर्श महिला संकुल संगठन कोटमीकला को नोडल बनाया गया है। निरीक्षण के दौरान जिला आजीविका मिशन प्रबंधक दुर्गा शंकर सोनी, बीपीएम सविता यादव, आईएफसी एंकर लोकेश कहरा एवं समूह की महिलाऐं उपस्थित थी।
