राजनांदगांव , जिला अस्पताल में नया ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार है। ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की लंबी वेटिंग नहीं रहेगी और राहत मिलेगी। पुराने भवन की पुरानी ओटी को तोड़कर करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च कर इसका रिनोवेशन किया गया। इसे बैक्टीरिया मुक्त करने दो बार पूरी तरह से साफ कर जांच की गई। सैंपल की जांच करने मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बायो केमेस्ट्री लैब भेजा गया। वहां से दोनों रिपोर्ट सामान्य मिली। तीसरी बार केमिकल से सफाई और धुलाई कर फिर से सैंपल जांच करने भेजा गया। सामान्य होने पर ओटी को शुरू किया जाएगा।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने बताया पुरानी बिल्डिंग में सालों से जर्जर होकर ओटी बिना उपयोग बंद पड़ी थी। यहां पर 2 नई मिला कर ऑपरेशन थिएटर की संख्या कुल 3 हो गई है। यहां गर्भवतियों का सिजेरियन ऑपरेशन होगा, हाथ, पैर, पेट की समस्या से जूझ रहे मरीजों का ऑपरेशन करने लंबी वेटिंग नहीं होने से राहत मिलेगी। सोनोग्राफी कक्ष को वापस पुराने अस्पताल भवन में शिफ्ट किया है। सामने वाले हॉल और पंजीयन काउंटर के बगल में दवा काउंटर खोला गया है। एक्स-रे मशीन भी काम कर रही है।
नए बने तीन बेड के आईसीयू में होगा इलाज जिला अस्पताल के 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में तीन बेड का आईसीसीयू तैयार किया गया है। सिजेरियन डिलीवरी होने के बाद गंभीर जच्चा-बच्चा को यहीं डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। हाई रिस्क वाली प्रसूताओं और नवजातों को बेहतर इलाज देने तीन बेड का आईसीसीयू तैयार किया गया है। आईसीसीयू बनने से हाई रिस्क वाली प्रसूताओं और नवजातों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर नहीं करना पड़ेगा। लगभग 100 में 1 केस अत्यंत क्रिटिकल आते हैं। जच्चा-बच्चा को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
