छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गुंडे, बदमाशों और आरोपियों को लेकर वारंट जारी थे। पुलिस इसके बाद सालों से इनकी तलाश कर रही थी। अब पकड़े गए तो पता चला कि कोई ऑटो चला रहा था। कोई सब्जी बेच रहा था। एक तो रायपुर में सिक्योरिटी गार्ड तक बन गया। ऐसे ज्यादातर आरोपी थे जो खुद की पहचान छिपाकर जिंदगी गुजार रहे थे। पुलिस ने एक सप्ताह तक अभियान चलाकर 171 वारंटियों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, SP संतोष कुमार सिंह ने फरार चल रहे वारंटियों को पकड़ने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 16 जून से 23 जून तक इसमें कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने 156 स्थाई वारंटी, 15 गिरफ्तारी वारंट और 257 जमानती वारंट व समंस सहित रिकार्ड 428 वारंट की तामील कराई गई। इस दौरान आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया। कई आरोपियों को पुलिस ने अलग राज्यों से भी पकड़ा था।
दहेज प्रताड़ना के केस में फरार होकर बना सिक्योरिटी गार्ड
- चौकी कनकबीरा निवासी पुरूषोत्तम चौहान पर दहेज प्रताड़ना के मामले में JMFC सारंगढ़ के कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी किया है। इसके बाद से वह फरार था। पुलिस ने उसके घर में भी दबिश दी, पर कुछ पता चला नहीं चला। इस बीच अभियान के दौरान सूचना मिली कि आरोपी पुरूषोत्तम रायपुर में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा है।
चोरी कर 10 साल पहले भागा, अब सब्जी बेचते पकड़ा गया
- जूटमिल झोपड़ीपारा निवासी चोरी के मामले का स्थाई वारंटी रंजन गोड़ पिछले 10 साल से दूसरे राज्य में जाकर छिपा था। वह परिचितों से यहां की जानकारी लेते रहता था। कुछ दिन पहले रंजन गोड़ सब्जी बेचने के काम में लग गया। इसकी जानकारी होने पर उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पहचान छिपाकर जांजगीर के होटल में कर रहा था काम
- एक अन्य आरोपी चौकी जूटमिल का स्थाई वारंटी मुन्ना उर्फ दीपक सिदार जांजगीर के होटल में पहचान छिपाकर काम कर रहा था। ऐसे ही जूटमिल का ही स्थाई वारंटी सुशील चौहान पहचान छिपाकर ऑटो चला रहा था। लॉकडाउन के कारण बाहर रहने से पेशी पर उपस्थित नहीं हो पाना बताया।
जमानती धाराओं में फरार आरोपियों के परिवारों को हिदायत
जमानतीय अपराधों के आरोपी भी लंबे समय से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे थे। वारंट के जारी होने पर पुलिस टीम फरार वारंटियों के घरों में दबिश देकर कोर्ट उपस्थित होने की हिदायत दी जा रही थी। लगातार दबाव बनाने पर कई वारंटी गांव आए, जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया है। अभियान दौरान पुलिस कई गंभीर अपराधों के आरोपियों को दूसरे राज्य से पकड़ा गया। लॉकडाउन के दौरान कोर्ट के आदेश पर जमानती/समंस जमा किया गया था।






