राजनांदगांव | शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इनमें वॉल पेंटिंग, इंटरलॉकिंग सहित चौराहों का सौंदर्यीकरण शामिल है। लेकिन हैरत की बात तो यह है कि शहर के प्रमुख चौराहों में बनाए गए पुराने स्ट्रक्चर जर्जर हो रहे हैं। एक तरह से पुराने ढांचों में उदासी छाई हुई है दूसरी तरफ सर्वेक्षण की चमक कहीं और दिखाई दे रही है।
तस्वीर फव्वारा चौक की है, जो सालों से बंद पड़ा है। इसे सुधारा ही नहीं गया। कभी इससे चौक रौशन हुआ करता था। दूसरी तस्वीर नंदई की है जहां पंथी नृत्य करती हुई महिलाओं की प्रतिमाओं के रंग उड़ गए हैं। यहां धूल जमा हो गई है। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
