राजनांदगांव , कामठी लाइन स्थित सत्यनारायण मंदिर समिति द्वारा वृंदावन की तर्ज पर 40 सालों से भगवान संग होली खेलने की परंपरा निभाई जा रही है। स्व. नथमल जी अग्रवाल की प्रेरणा से सालों पहले इसका शुभारंभ किया गया था। शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली जाती है। मंदिर समिति द्वारा तैयार पलाश के फूलों से बने 3 हजार लीटर प्राकृतिक, सुगंधित रंग-गुलाल से होली खेली जाती है। शोभायात्रा में शामिल लोगों को एकरुपता प्रदान करने हर साल सभी लोगों को साफा, पगड़ी या एक जैसी टोपियां पहनाई जाती है।
गणेश विसर्जन झांकी के लिए मशहूर संस्कारधानी में इसी तर्ज पर चलित झांकी बनाई जाती है। इसका निर्माण स्थानीय कलाकारों द्वारा लक्ष्मण लोहिया के निर्देशन में होता आ रहा है। इस साल मंदिर समिति द्वारा 4 मार्च को पारंपरिक रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर से 4 मार्च को सुबह 9 बजे भगवान राधा-कृष्ण को रथ पर विराजमान कर पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस बार मुख्य अतिथि महापौर मधुसूदन यादव, विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख एवं भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, पूर्व मेयर हेमा देशमुख भगवान की पूजा-आरती कर शोभायात्रा को शहर भ्रमण करने रवाना किया जाएगा।
रंगोत्सव और शोभायात्रा से अब जुड़ने लगे हैं लोग शहर में शांतिपूर्ण रंगोत्सव शोभायात्रा निकलने से हर साल लोग इसे जुड़ते जा रहें है। होली पर्व के दौरान काले, भद्दे, चिट, ऑइल पेंट, ट्यूब वाले रंगों को प्रतिबंधित किया गया है। मंदिर समिति के पदाधिकारी और पुलिस शोभायात्रा के दौरान इसकी निगरानी करती है। केवल भजनों के बीच लोग केवल सुगंधित केसरिया, लाल, गुलाबी रंग में रंगे नजर आते है। विशाल झांकी में भगवान राधा-कृष्ण होली खेलते नजर आते है।
