राजनांदगांव , हरियाली बहिनी ने एक और अनोखी पहल शुरू की है। शराब बनाने और नशे के लिए बदनाम महुआ से अलग-अलग व्यंजन बना रही है। राजनांदगांव से 14 किमी दूर खैरागढ़ के चवेली में कार्य चल रहा है। ज्यादा परिवारों तक इसे पहुंचाने स्कूलों में, कॉलेजों में, मीटिंग, ट्रेनिंग जैसे कार्यक्रमों में जानकारी दी जा रही है। इस होली में महुआ की मिठास के साथ स्वास्थ्य एवं सु पोषण मिलेगा। महुआ लड्डू की मांग अधिक होने के कारण पूर्ति नहीं कर पा रही है। इस कारण बड़ी संख्या में महिलाएं महुआ लड्डू बनाने में जुटी हुई है।
महुआ का लड्डू महिलाओं के आय का स्त्रोत बनेगा और वह आत्म निर्भर एवं स्वावलंबी बनेगी।
महुआ लड्डू और अन्य व्यंजन लोगों को अच्छे और सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। महुआ के लड्डू, मिक्चर होली को यादगार बनाएंगे। अभियान प्रमुख शिव कुमार देवांगन ने बताया कि हमने सोचा नहीं था कि महुआ के लड्डू और व्यंजन को लोग बहुत ज्यादा पसंद करेंगे। अभी तक लोग महुआ को केवल नशे के रूप में जानते थे। महुआ के लड्डू बनाने का यह कार्य 2 माह से चल रहा है। जिले एवं प्रदेश में 1 लाख रुपए से ज्यादा के महुआ लड्डुओं की बिक्री हो चुकी है।
