देश में कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ गई है। वहीं वैज्ञानिको ने तीसरी लहर को लेकर आशंका जता दी है कि अक्तूबर में अगली लहर आ सकती है। कोरोना टीका की उपलब्धता और लगने की प्रक्रिया ही कोरोना से रक्षा कर सकती है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना टीके की उपलब्धता को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि अब हम टीकों की बेहतर उपलब्धता की उम्मीद कर सकते हैं। यदि हमारे पास 18+ आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए सभी स्टॉक हैं, तो हम प्रति दिन कम से कम एक लाख खुराक देंगे।
उन्होंने कहा कि इससे पहले, 18-44 के लिए हमारे पास केवल तीन दिन का स्टॉक था, जबकि 45 से ऊपर वाले समूह के लिए हमारे पास 348 दिन का स्टॉक था। (पिछली) नीति ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी जहां वैक्सीन की उपलब्धता के बावजूद लोगों को टीका नहीं लगाया गया था। लेकिन अब हम और टीकों की उम्मीद कर रहे हैं।
आगे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि केंद्र ने रिपोर्ट में प्रस्तुत किया कि 30 फीसदी टीका बर्बाद हो गया लेकिन टीके की बर्बादी 0.95% है। जिस तरह से चीजों को प्रस्तुत किया जाता है, उससे अंतर होता है (टीका प्रतिशत में) और फिर आपको इसे सही ठहराना होगा।
केंद्र ने रिपोर्ट में कहा था टीके बर्बादी में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर
पिछले महीने जारी रिपोर्ट में केंद्र ने टीके बर्बाद करने में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान बताया था और तमिलनाडु को तीसरे। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना था कि किसी भी बड़े टीकाकरण अभियान में, कुछ अपव्यय को हमेशा शामिल किया जाता है और इसका उपयोग टीकों को खरीदने और वितरित करने के लिए किया जाता है। राज्यों को आबादी और जरूरतों के अनुसार टीके आवंटित किए जाते हैं। इन आंकड़ों को तय करने में वेस्टेज मल्टीपल फैक्टर बहुत महत्वपूर्ण है।”
