राजनांदगांव | नंदई निवासी एक परिवार लंबे समय से पैतृक जमीन के खसरा नंबर को भू-अभिलेख रिकार्ड में दर्ज करवाने की मांग को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। नंदई निवासी रामविलास जोशी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखकर खसरा नंबर रिकार्ड में दर्ज करवाने की मांग की है।
मामले में उन्होंने बताया कि कुआं चौक निवासी किसान रहे स्व.सामरतन राय की पैतृक संपत्ति में खसरा 1567 रकबा 30 डिसमिल और खसरा नंबर 1636 रकबा 84 डिसमिल को 1954-55 के राजस्व अभिलेख रिकार्ड में त्रुटिवश दर्ज नहीं किया। इसके कारण स्व.रामरतन के परिवार व वारिसान लंबे समय से कचहरी, तहसील और कलेक्टर के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। अब उनके परिवार के वारिसान इसे लेकर परेशान हैं।
उन्होंने इसे साजिश होना बताया है। रामविलास जोशी ने बताया कि अफसरों की उदासीनता की वजह से वे परेशान होकर अब राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है अवैध कब्जा धारियों को बेदखल कर इन खसरों के रकबों को भू राजस्व अभिलेख के रिकार्ड में रिकार्ड के वारिसानों के नाम पर दर्ज कराई जाए।




