Home छत्तीसगढ़ राजनांदगांव : छत्रपति शिवाजी ने स्वराज की स्थापना कर संस्कृति व स्वाभिमान...

राजनांदगांव : छत्रपति शिवाजी ने स्वराज की स्थापना कर संस्कृति व स्वाभिमान की रक्षा की…

1

राजनांदगांव , हिंदू जागरण मंच ने वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती शिवाजी पार्क में धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्रपति के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, शौर्य और राष्ट्र निष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना कर भारत की संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा की। उनके आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र भक्ति, साहस और संगठन की शक्ति का संदेश देते हैं।

वक्ताओं ने कहा छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक, दूरदर्शी शासक और जन हितैषी राजा थे। उन्होंने नारी सम्मान, धार्मिक सहिष्णुता एवं सुशासन की मिसाल पेश की। आज आवश्यकता है युवा पीढ़ी उनके चरित्र और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करे। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिकों बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान भारत माता की जय छत्रपति शिवाजी महाराज अमर रहे से नारों से छत्रपति शिवाजी पार्क गूंज उठा।

राष्ट्रभक्ति का काम करता रहेगा मंच संगठन के पदाधिकारियों ने कहा हिंदू जागरण मंच समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता लाने सतत कार्य करता रहेगा। सभी को प्रसाद वितरण किया गया। राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। संगठन कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। सुशील लड्ढा, प्रवीण शर्मा, हेमलाल ढीमर, सविता बोस, मौसमी शर्मा, जुगल गुप्ता, संजय सरोदे, हरीश भानुशाली आदि मौजूद थे।

हिंदू जागरण मंच ने महान संत एवं आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी की जयंती श्रद्धा-भक्ति से मनाई। यह कार्यक्रम केसर नगर स्थित कालीबाड़ी प्रांगण में आयोजित किया गया। यहां जहां बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी के जीवन, उनके आध्यात्मिक विचारों एवं समाज सुधार के प्रति योगदान पर प्रकाश डाला। स्वामी जी ने मानवता को प्रेम, सहिष्णुता, सत्य के मार्ग पर चलने प्रेरणा दी। जीवन सादगी और भक्ति का प्रतीक था।

Previous articleराजनांदगांव : आज कबीर कुटी मिनी स्टेडियम सिंघोला में दोपहर 1 बजे से बैठक का आयोजन किया गया…
Next articleग्वालियर मेडिकल सोल्लगे के इंटर्न छात्र को दिल का दौरा पड़ने पर बनाया ग्रीन कॉरिडोर