राजनांदगांव , मजदूरों के लिए पूर्व में लागू श्रम कानूनों को केंद्र सरकार ने समाप्त कर चार नए श्रम कोड बनाए जाने तथा मनरेगा को समाप्त कर वीबी राम जी कानून लागू किए है। इसके विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में जिले के विभिन्न उद्योगों एवं रसमड़ा क्षेत्र के श्रमिक 10:30 बजे जिला कार्यालय के सामने एकत्रित हुए। जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, रसोइया, मितानिन, एलआईसी, डाक विभाग के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।
सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सभा आयोजित की गई। सभा को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष एवं एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव बागड़े, सीटू यूनियन के छत्तीसगढ़ प्रभारी गजेन्द्र झा, सुशांत, छमुमो के मेघदास वैष्णव, सीटू से पुष्पा चन्द्राकर, चित्ररेखा साहू, राजकुमार ढीमर, भोजराम साहू, दिलीप पारकर ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाते कहा सरकार उद्योगपतियों एवं कॉर्पोरेट घरानों के हितों में मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने साजिश कर रही है। जब तक इन कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 2:30 बजे रैली निकाली जो जय स्तंभ चौक पहुंची वहां राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
सभा स्थल पर कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की हड़ताल को कांग्रेस ने समर्थन दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। यूनियन की सभा के उपरांत रैली निकाली गई, जिसमें कांग्रेस नेता यूनियन पदाधिकारियों एवं श्रमिकों के साथ शामिल हुए और उनकी मांगों का समर्थन किया। पूर्व मेयर हेमा देशमुख, सुदेश देशमुख, संतोष पिल्ले, रूपेश दुबे, अशोक पंजवानी, चेतन भानुशाली एवं लक्ष्मण साहू ने बताया जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के मार्गदर्शन में कांग्रेस ने हड़ताल को समर्थन दिया।






