राजनांदगांव । जिले में कोरोना का कहर अब पूरी तरह से खत्म होता नजर आ रहा है। यहां के 1597 गांवों में से 1450 गांव पूरी तरह कोरोना मुक्त हो गए हैं। ऐसे गांवों में लोगोें को जागररूक करने के लिए दीवार लेखन भी कराया जा रहा है। अप्रैल में कोरोना के बढते संक्रमण के चलते प्रशासन को लाकडाउन लगाना पडा था। लेकिन अब हालत में काफी सुधार हुआ है। तिलई गांव के कोरोना मुक्त होने पर यहां की सरपंच ममता बाई नेताम का कहना है कि गांव में संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए लोगों ने कोविड-19 गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन किया। वहीं इसके लिए ग्राम पंचायत द्वारा प्रेरित किया गया और लोगों को मास्क और साबुन का वितरण कर समझाइश दी गई। दीवार लेखन से जागरूक किया गया।
मितानिन पुनिया बाई देवांगान और बिंदा बाई साहू का कहना है कि तिलई गांव कोरोना मुक्त होने के साथ ही अब लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। टीकाकरण केंद्र में पहुंचकर टीका लगवाने के फायदे बताए जा रहे हैं। गांव में 80 प्रतिशत लोगों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आधिकारी डा मिथलेश चौधरी का कहना है कि कोरोना संक्रमण का दर जहां अप्रैल-मई में 35 से 40 प्रतिशत थी वह अब घटकर एक फीसद से भी कम हो गई है। जिले के तिलई सहित 1450 ग्राम कोरोना मुक्त हो गए हैं। कोरोना मुक्त गांवों में मितानिनें दीवर पेटिंग कर हमारा गांव कोरोना मुक्त का स्लोगन लिख रही हैं। तिलई गांव के लोगों ने कोरोना मुक्त गांव के लिए टीकाकरण को कारगर माना। यहां के 80 फीसद लोगों ने कोरोना का टीका लगवाकर अपने जीवन को सुरक्षित किया है।
