– मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग की अपील, 11,100 मीट्रिक टन उर्वरक अग्रिम वितरण का लक्ष्य
मोहला, । आगामी खरीफ सीजन 2026 में उर्वरकों की संभावित कमी से बचाव और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा 1 फरवरी से उर्वरकों के अग्रिम उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के मार्गदर्शन में उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान 1 फरवरी से 31 मई 2026 के बीच अपनी आवश्यकता अनुसार खाद का अग्रिम उठाव कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने फरवरी और मार्च माह में कुल निर्धारित लक्ष्य का 70 प्रतिशत वितरण पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए मैदानी अमले को गांव-गांव प्रचार-प्रसार कर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बुआई के समय अनावश्यक भीड़ और भागदौड़ से बचा जा सके। किसानों को अपनी निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से संपर्क कर खाद उठाव की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की सलाह दी गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में कुल 17,044.749 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था। वहीं खरीफ 2026 के लिए 31 मई तक 11,100 मीट्रिक टन उर्वरकों के अग्रिम उठाव का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बुआई के समय किसानों को समयबद्ध और सुचारु रूप से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। शासन द्वारा किसानों के हित में यह व्यवस्था की गई है कि 1 अप्रैल से 31 मई के बीच उठाव किए गए उर्वरकों पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लिया जाएगा।
उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के परिणाम के आधार पर उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग करें, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो और फसलें रोगमुक्त एवं बेहतर उपज देने वाली बन सकें। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर अग्रिम उठाव से न केवल उर्वरकों की कमी की स्थिति से बचा जा सकेगा, बल्कि खरीफ सीजन की तैयारी भी सुचारु रूप से सुनिश्चित होगी।






