जिला शिक्षा अधिकारी पर अनुकंपा नियुक्ति में गड़बड़ी करने व लेनदेन का आरोप लगा है। मामले में कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर दीप्ति वर्मा ने सीसीटीवी कैमरे के डिजिटल रिकॉर्डर को जब्त कर जांच की।सोमवार को शिकायतकर्ता प्रेमनारायण वर्मा का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद जांच अधिकारी ने पूरी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी। कलेक्टर का कहना है कि रिपोर्ट मिल गई है। इसका परीक्षण कर रहे हैं।
इधर शिकायतकर्ता वर्मा का कहना है कि जांच अधिकारी से फुटेज दिखाने की मांग की गई पर नहीं दिखाया गया। आशंका है कि फुटेज को डिलीट कर दिया गया है। इसलिए लिखित में बयान देकर मामले में एफआईआर कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने लिखित बयान में जांच अधिकारी को बताया है कि जिस दिन कलेक्टर के समक्ष लिखित में मामले की शिकायत की गई, उस दिन विभाग की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
उच्चस्तरीय जांच जरूरी
बताया गया कि इस दिन दो तकनीकी लाेग शिक्षा विभाग में सक्रिय थे और डीईओ दफ्तर के भीतर भी गए थे। आशंका है कि कार्रवाई से बचने फुटेज डिलीट की गई है। उच्चस्तरीय जांच हो।
रिपोर्ट अभी देख रहे: शिकायतकर्ता ने कहा कि डिलीट किए गए डाटा को पुलिस की मदद लेकर रिकवर किया जा सकता है। बयान में बताया कि जिन लोगों ने डाटा डिलीट करने का काम किया है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई हो।
