अंबागढ़ चौकी, नगर पंचायत के कर्मचारियों के पिछले चार माह से वेतन नहीं मिल पाया है। अक्टूबर से नियमित वेतन नहीं मिलने से निकाय के रेगुलर व प्लेसमेंट कर्मचारियों की माली हालत खराब हो गई है। कर्मचारी पिछले तीन माह से मूल काम को छोड़ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य एसआईआर में लगे हुए हैं, जिससे निकाय में राजस्व वसूली का कार्य प्रभावित हो गया है। इससे कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। नगर पंचायत की कार्यालयीन व्यवस्था व रूटीन कार्य पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी पिछले चार माह से वेतन का बाट जोह रहे हैं। नियमित कर्मचारी जलील अहमद रब्बानी, तिलक यादव, सोफू जिलानी, जीवन पटेल, पीर खान, रघुवेन्द्र खरे इत्यादि ने बताया कि पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। वे अपने परिवार के बीमार सदस्यों का उपचार नहीं करा पा रहे हैं। निकाय के कर्मचारी सुरेन्द्र सिन्हा ने बताया कि उनकी बिटिया की डिलवरी हुई है। उसे बिटिया के आपरेशन व उपचार के लिए उधार लेकर इलाज कराना पड़ रहा है।
सभी कर्मचारी एसआईआर में फंसे, काम पर असर विधानसभा क्षेत्र व नगर में जब से निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य एसआईआर चल रहा है। तब से निकाय के सीएमओ, उपयंत्री सहित कार्यालय के राजस्व निरीक्षक, आपरेटर, लिपिक, सफाई दरोगा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की डयूटी एसआईआर में लगा दी गई है। निकाय के कार्यालयीन व फील्ड के कर्मचारियों की ड्यूटी एसआईआर में लगा दिए जाने से मूल कार्य प्रभावित हो गया है। राजस्व निरीक्षकों की एसआईआर में ड्यूटी लग जाने से निकाय का राजस्व वसूली कार्य भी प्रभावित हुआ।
नगर पंचायत के दो कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी नगर पंचायत के कर्मचारियों को पिछले कुछ माह से काम का इतना प्रेशर बढ़ गया है कि अब कर्मचारियों ने इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया है। एसआईआर के काम में इतना दबाव पड़ रहा है कि कर्मचारियों के अवकाश रद्द किए जा रहे हैं और बिना सूचना के गायब होने व यहां तक मोबाइल बंद करने पर उन्हें नोटिस भी मिलने लगी है। इधर पिछले दो माह में काम के दबाव के चलते निकाय के विद्युत विभाग के प्रभारी व तकनीकी शाखा के एक आपरेटर ने नगर पंचायत की सेवा से ही त्यागपत्र देकर नौकरी ही छोड़ दी है। यह दोनों कर्मचारी पिछले एक दशक से नगर पंचायत के प्लेसमेंट विभाग में सेवारत थे। इन दोनों कर्मचारियों के अचानक नौकरी छोड़ देने से निकाय में विद्युत विभाग व तकनीकी शाखा का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसी तरह अन्य कई कर्मचारी भी नगर पंचायत की नौकरी छोड़ने की तैयारी में हैं।
