हॉस्पिटल में ब्लड के लिए लोगों को भटकते देख युवाओं ने कुछ करने की ठानी। तीन साल पहले कॉलेज ग्रुप के 15 सदस्य बर्थ डे डोनर्स बन गए। जो अपने और दोस्तों के जन्मदिन पर पार्टी नहीं ब्लड डोनेट करने लगे। धीरे-धीरे दूसरों को भी जागरुक किया। तीन साल बाद आज इस ग्रुप के 6 जिलों में 1500 मेंबर्स हैं, जो बर्थ डे डोनर्स बनकर खुद के, परिवार के सदस्यों और करीबियों के जन्मदिन पर रक्तदान कर रहे हैं।
दिग्विजय कॉलेज की एक टीम से शुरु हुई सेवा की यह सोच अब भिलाई, बिलासपुर, बालोद, कांकेर और मूंगेली तक पहुंच गई। यह पहल दिग्विजय कॉलेज के छात्र युवा मंच की टीम ने की। मंच के संयोजक नागेश यदु बताते हैं कि उन्होंने और उनके साथियों ने कॉलेज के टाइम से ही रक्तदान की शुरुआत की थी, लेकिन हॉस्पिटल्स में ब्लड की जरूरत को देखते हुए बड़े अभियान की जरूरत थी। जिसके चलते उन्होंने जन्मदिन पर रक्तदान करने की पहल की। पहले ग्रुप के 15 मेंबर्स खुद या ग्रुप के सदस्य के जन्मदिन पर ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करते थे। इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे युवाओं को भी प्रेरित किया। जिले के हर ब्लाॅक में उनकी टीम तैयार हो गई, जो अपने या परिजनों के जन्मदिन पर ब्लड डोनेट कर रहे हैं।

युवाओं की टीम जन्मदिन पर ब्लड बैंक पहुंच कर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करती है।
इस ग्रुप के सदस्यों से प्रेरित होकर जुड़ते जा रहे हैं युवा
नागेश ने बताया कि जिले में उनकी पहल को बेहतर रिस्पांस मिला। युवाओं की टोली इस सोच से जुड़ती चली गई। साल 2019 में स्थिति ऐसी बनी कि ब्लड बैंक में रोजाना युवा रक्तदान करने पहुंचने लगे। सोशल मीडिया ने उन्होंने छात्र युवा मंच के नाम पर एक ग्रुप भी बनाया। अब स्थिति यह है कि 6 जिलों के 1500 मेंबर्स इस ग्रुप के सदस्य हैं। जो बर्थ डे डोनर्स बन चुके हैं। ये अपने जन्मदिन पर हास्पिटल पहुंचकर रक्तदान करते हैं। इस टीम में बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं।
नशीली पार्टियों से भी दूर समाज को मिल रही मदद
ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि आमतौर पर युवा अपने बर्थ डे में पार्टी का आयोजन करते हैं। कुछ ऐसी भी पार्टियां होती हैं, जहां नशा तक परोसा जाता है। लेकिन उन्होंने इस एक पहल से काफी हद तक युवाओं को जन्मदिन की पार्टी में नशे से दूर करने का भी प्रयास किया । अब उनके ग्रुप के मेंबर्स अपने जन्मदिन पर केक काटना या किसी तरह की नशीली पार्टी के बजाय रक्तदान के लिए अधिक से अधिक सदस्य जुटाने में लगे रहते हैं। इससे जरूरतमंद लोगों और समाज को भी मदद मिल रही है।
