– डबरी निर्माण में गुणवत्ता, समय– सीमा और समन्वय पर सभी विभागों को दिए विशेष निर्देश
– आजीविका डबरी अभिसरण योजना की कलेक्टर प्रजापति ने ली समीक्षा बैठक
मोहला ।
जिले में आजीविका डबरी अभिसरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग, क्रेडा विभाग, मत्स्य विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में स्वीकृत 963 डबरियों के हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, समय-सीमा में लाभ वितरण सुनिश्चित करने तथा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य शासन को प्रस्ताव भेजकर विभागीय योजनाओं में इन हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु अतिरिक्त लक्ष्य निर्धारित कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में मनरेगा से निर्मित सभी डबरियों के हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराते हुए निर्देशित किया गया कि आजीविका डबरी के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा दलहन एवं तिलहन फसल, उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधे एवं सब्जी बीज, वन विभाग द्वारा बांस पौधरोपण, क्रेडा विभाग द्वारा अनुदान पर सोलर पंप तथा मत्स्य विभाग द्वारा मछली जाल एवं अनुदान पर मछली बीज उपलब्ध कराए जाएं। इससे वनांचल क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी आजीविका सुदृढ़ की जा सके।

बैठक में जनपद के सभी टेक्निकल असिस्टेंट को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि डबरी निर्माण में डबरी निर्माण में क्लार्टैप इनलेट सिल्ट ट्रैप, न्यूनतम तीन मीटर गहराई एवं बर्म का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक डबरी संरचना की सही स्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्माण के दौरान क्लार्टैप का प्रयोग आवश्यक होगा। साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर प्रजापति ने कहा कि योजना का सफल और प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब डबरी निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए, सभी घटकों का नियमित निरीक्षण हो तथा विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय बना रहे।
