राजनांदगांव, उत्तर प्रदेशीय वैश्य समाज की महिलाओं ने मकर संक्रांति पर्व पर भरकापारा रोड स्थित भवन में सिंदूर-कुमकुम लगाकर एक दूसरे के सुख सौभाग्य की मंगल कामना की। विभिन्न खेल स्पर्धाएं कराई गईं। इस अवसर पर प्रांतीय वैश्य समाज की अध्यक्ष आशा गुप्ता ने महिलाओं के साथ सर्व प्रथम मां गौरी की सिंदूर, कुमकुम, चूड़ी, चूनरी बिंदिया आदि चढ़ाकर पूजा अर्चना की। भगवान गणेश का स्मरण करते हुए तुलसी पूजन सहित आदि पुरुष महर्षि कश्यप ऋषि की पूजा-अर्चना की।
समाज की सभी महिलाओं ने एक-दूसरे के सुख-सौभाग्य, खुशहाली समृद्धि की कामना करते हुए एक-दूसरे को सिंदूर-कुमकुम लगाया। इस दौरान महिलाओं ने सुमधुर धार्मिक भजन की प्रस्तुति दी। सुधा गुप्ता अग्रहरि ने बताया कि देव, दनुज, नर, नाग, खग आदि के जन्मदाता महर्षि कश्यप ऋषि के ही हम सभी लोग संतान हैं। मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर का जल दो भागों में विभक्त होने उपरांत महर्षि कश्यप के दर्शन होते हैं। जिनके दर्शन व पुण्य लाभ प्राप्ति के लिए हजारों लोग गंगा सागर जाते है। वैश्य समाज की महिलाओं के सिंदूर-कुमकुम आयोजन में व्यवस्था बनाने रुप नारायण गुप्ता, राजेश गुप्ता, शरद गुप्ता, नवीन अग्रहरि, राजेश गुप्ता अग्रहरि, शैलेष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अन्य शामिल रहे।
कुर्सी दौड़, रस्सी खींच और मनोरंजक खेल हुए: इस दौरान महिलाओं ने हाऊजी खेल, कुर्सी दौड़ रस्सी खींच खेल, विविध मनोरंजक खेल खेले। जिसमें महिलाओं ने हिस्सा लिया और जम कर आनंद लिया। दोसर वैश्य समाज से संतोषी गुप्ता, मीना गुप्ता, वर्षा गुप्ता, रितु पूर्णिमा गुप्ता मुस्कान, भावना गुप्ता, कसौधन वैश्य समाज से सुषमा गुप्ता, अंकिता गुप्ताआदिमौजूदथीं।
घर-परिवार में सुख समृद्धि खुशहाली की कामना की महर्षि कश्यप ऋषि का पूण्य स्मरण करते हुए महिलाओं के अखंड सौभाग्यवती होने व घर-परिवार की सुख-समृद्धि खुशहाली की कामना से सिंदूर-कुमकुम लगाया गया। कुर्सी दौड़, रस्सी खींच खेल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेशीय वैश्य संघ के बैनर तले महिलाओं के सिंदूर-कुमकुम आयोजन में दोसर वैश्य समाज, कसौधन वैश्य समाज, अग्रहरि, गवई व अयोध्या वासी वैश्य समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। महर्षि कश्यप और अग्र कुल के महाराजा अग्रसेन महाराज को याद किया।
