राजनांदगांव, संस्कारधानी में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कराते स्पर्धा का समापन रविवार देर शाम कमला कॉलेज में हुआ। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के 365 खिलाड़ियों ने भाग लेकर कराते खेल में काता और कुमिते फाइट विधा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सर्वाधिक पदकों के साथ दुर्ग जिला ओवरऑल चैम्पियन और राजनांदगांव जिला रनरअप रहा। रायपुर जिले के खिलाड़ियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महापौर मधुसूदन यादव मुख्य अतिथि रहे।
अध्यक्षता नीलू शर्मा ने की। विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ कराते संघ के सचिव अमल तालुकदार, कोषाध्यक्ष डी. रमेश, वरिष्ठ कराते प्रशिक्षक कमल पूजन, अमर रहे। आयोजन समिति से वरिष्ठ कराते प्रशिक्षक और जिला कराते संघ के सचिव शिहान मुरली सिंह भारद्वाज, अंतर राष्ट्रीय कराते खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक अंबर सिंह भारद्वाज, कोषाध्यक्ष दुर्गेश त्रिवेदी, सहसचिव सतीश पद्मम थे। निर्णायकों एवं समिति सदस्यों में अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट्स स्कूल कस्तूरबा महिला मंडल के प्रशिक्षक जयप्रकाश साहू, मोनिका पाढ़ी, लोकिता साहू, करण साहू, दुर्गेश साहू, तरुण साहू, जयदीप सिन्हा, भास्कर साहू, लोचन साहू, पुरविल साहू, सुधा साहू, ओम नेहा सिन्हा, अन्नपूर्णा साहू, मानिक वर्मा मौजूद रहे।
जीवन में सेल्फ डिफेंस जरूरी, कराते को आत्मरक्षा का सबसे उत्तम माध्यम बताया आयोजक मंडल ने अतिथियों का स्वागत किया। मुरली सिंह भारद्वाज ने स्वागत अभिभाषण के बाद टूर्नामेंट की जानकारी दी। वरिष्ठ प्रशिक्षक कमल पूजन ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। शिहान अमल तालुकदार ने प्रदेश में कराते के खेल के भूत, भविष्य एवं वर्तमान परिदृश्य के बारे में अवगत कराया। नीलू शर्मा ने जिला कराते संघ बच्चों के लिए जीवन में पढ़ाई के साथ सेल्फ डिफेंस की कला को आवश्यक बताया। कराते को आत्मरक्षा को उत्तम माध्यम बताया। उन्होंने कहा आज के बच्चे कल का भविष्य हैं।
