राजनांदगांव, स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर स्वामी विवेकानंद युवा जागृति मंच के सदस्यों ने शीतला माता मंदिर प्रांगण स्थित विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अभिलाषा स्कूल में बच्चों को फल वितरण कर बच्चों के साथ स्वामी जी की जयंती मनाई गई।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष जीवन साहू ने बच्चों को बताया कि हम 15 वर्षों से स्वामी जी के विचारों और आदर्शों को मानकर काम कर रहें है। हमारी संस्था भी स्वामी जी के नाम पर है। उन्होंने बताया स्वामी जी बचपन से एकाग्रता के साथ हर कार्य करते थे।
अनेक भाषाओं में पारंगत हो गए थे। उनकी स्मरण शक्ति इतनी तीव्र थी कि जो भी पढ़ते तुरंत याद कर लेते थे। उनकी माता जी ने बचपन से ही एकाग्रता करना सिखाया। स्वामी जी बचपन से आध्यात्मिक रहे, साधु जीवन व्यतीत करते हुए उन्होंने कई आंदोलन छेड़े उनकी स्मृति कभी भुलाई नहीं जा सकती।
उनका व्यक्तित्व इतना अद्भुत था कि हजारों वर्षों तक उनको याद रखेंगे और ऐसे ही 12 जनवरी को उनकी जयंती पर युवा दिवस मनाते रहेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जीवन साहू, संरक्षक संजय शर्मा, रितेश यादव, जिला अध्यक्ष आदित्य पराते, शहर अध्यक्ष एसके देवांगन, भरत देवांगन, मेहुल, आकाश सोनी, अशोक, कौशल, अजय सदस्य थे।
भारतीय संस्कृति के लिए काम किया मंच के सभी सदस्य उनके विचारों से प्रभावित होकर समाज हित में कार्य कर रहे हैं। स्वामी जी कहते हैं ना उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते। उन्होंने भारतीय संस्कृति राष्ट्रवाद के लिए कार्य किया।
उनका मानना था कि शिक्षा से सर्वांगीण विकास हो सकता है। शिक्षा ऐसी हो जिससे चरित्र निर्माण हो मन विकसित हो व्यक्ति खुद में आत्म निर्भर बने उनकी सोच भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में युवाओं को जागृत करते रहे। वे युवाओं से कहते थे सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा होती है।
युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं: अंसारी जिले के खेल संघों ने स्वामी जी की जयंती मनाई। फिरोज अंसारी सह सचिव हॉकी इंडिया, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हॉकी के मुख्य आतिथ्य, डी कोंडिया, महासचिव छत्तीसगढ़ वूशु संघ, ए एक्का सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विशेष आदित्य में गांधी सभा गृह म्युनिसिपल स्कूल मैदान में जयंती मनी।
भाषण, काव्य पाठ, रंगोली स्पर्धा का आयोजन हुआ। फिरोज अंसारी ने कहा स्वामी जी एक महान आध्यात्मिक गुरु, विचारक और समाज सुधारक थे। वेदांत और योग को विश्व में प्रचारित किया।
राष्ट्रवाद को आध्यात्म से जोड़ा शिकागो के धर्म सम्मेलन में ऐतिहासिक भाषण से भारत का नाम रोशन किया। राष्ट्रवाद को आध्यात्म से जोड़ा, मानवतावाद एवं धर्म निरपेक्षता के विचार दिए जिससे भारतीय संस्कृति की पताका दुनिया में लहराई। हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
स्कूल एवं कॉलेज तथा प्रतिनिधि सहित कुल 45 सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पंकज सोलंकी, सुदेश यादव, पुनाराम यादव, रितेश देवांगन, निर्णायकों में प्रेरणा राणे साहू खेल विभाग, गफ्फार खान, कृष्णा यादव, उमेश साहू, रेवती बाई मौजूद थे।
