– नाइट ब्लड सर्वे में माइक्रोफाइलेरिया दर 4.83 प्रतिशत से घटकर 1 प्रतिशत तक पहुंची
राजनांदगांव। जिले में फाइलेरिया (हाथीपाँव) उन्मूलन की दिशा में सामूहिक औषधि वितरण (एमडीए) राउंड्स ने निर्णायक भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर एवं प्रभावी ढंग से संचालित एमडीए अभियानों के परिणामस्वरूप जिले में माइक्रोफाइलेरिया संक्रमण दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जिले में किए गए नाइट ब्लड सर्वे के दौरान माइक्रोफाइलेरिया दर 4.83 प्रतिशत पाई गई थी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति के साथ एमडीए राउंड्स को और अधिक सशक्त रूप से लागू किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए एमडीए राउंड्स के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में माइक्रोफाइलेरिया दर घटकर 3.67 प्रतिशत रह गई। इसके बाद वर्ष 2025 में किए गए नाइट ब्लड सर्वे में यह दर और कम होकर 1 प्रतिशत दर्ज की गई, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ विकासखंडों में माइक्रोफाइलेरिया पॉजिटिव पाए जाने पर तत्काल एमडीए राउंड्स चलाए गए। जिससे इन क्षेत्रों में संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका। वर्ष 2024 में हाइड्रोसील के 229 मरीजों का ऑपरेशन किया गया एवं वर्ष 2025 में हाइड्रोसील के 107 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। जिले में एमडीए कार्यक्रम को घर-घर पहुँचाकर सफल बनाया गया। वर्ष 2024 में एमडीए कवरेज 96 प्रतिशत, वर्ष 2025 में एमडीए कवरेज 97 प्रतिशत रहा। इस उच्च कवरेज ने फाईलेरिया संक्रमण की श्रृंखला को तोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिले में स्वास्थ्य अमले, मितानिन, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जाता है, जिन्होंने एमडीए राउंड्स को जनआंदोलन के रूप में संचालित किया। लगातार सफल एमडीए राउंड्स से यह स्पष्ट हो गया है कि यदि सामूहिक औषधि सेवन कार्यक्रम को पूर्ण कवरेज के साथ लागू किया जाए, तो फाइलेरिया जैसे रोग को नियंत्रित कर उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति संभव है। राजनांदगांव जिले की यह उपलब्धि राज्य के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरी है।






